आईआईटी दिल्ली छात्रों को पहली बार भारत में रहते हुए आस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ क्वींसलैंड से पीएचडी की डिग्री दिलवाएगा। आईआईटी दिल्ली और क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी इस साल जुलाई से संयुक्त पीएचडी शुरू करने जा रहे हैं। इसमें तीन सौ छात्रों को पीएचडी में दाखिले का मौका मिलेगा। आईआईटी इस प्रोग्राम के संचालन का जिम्मा सीईओ को देगा।
आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. वी रामगोपाल राव ने बताया कि क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी-आईआईटी एकेडमी ऑफ रिसर्च की ओर से जुलाई 2020 सत्र से पीएचडी प्रोग्राम शुरू होगा। इसमें छात्रों को एक साल भारत और दूसरे साल आस्ट्रेलिया में पढ़ाई व शोधकार्य का मौका मिलेगा। उसी तरह आस्ट्रेलियाई छात्रों को भी भारत में शोधकार्य का मौका मिलेगा।
दोनों देश एक दूसरे के छात्रों का खर्च वहन करेंगे। छात्र इस प्रोग्राम के लिए स्कॉलरशिप भी प्राप्त कर सकते हैं। भारतीय छात्रों को सामान्य पीएचडी प्रोग्राम जितनी ही फीस देनी होगी। संयुक्त पीएचडी प्रोग्राम में दाखिले के लिए छात्र 24 फरवरी से 22 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
भारत और आस्ट्रेलिया की दिक्कतों पर भी शोधकार्य
दोनों देशों के छात्रों को भारत और आस्ट्रेलिया की दिक्कतों पर शोधकार्य भी करना होगा। इसमें स्वच्छ पानी, पर्यावरण, स्वास्थ्य समेत अन्य विषय शामिल हैं। संयुक्त पीएचडी डिग्री में आईआईटी दिल्ली और यूनिवर्सिटी ऑफ क्वींसलैंड लिखा होगा।
इंडस्ट्री को शामिल करने से नौकरी में भी आसानी
प्रो. राव के मुताबिक, इस प्रोग्राम में इंडस्ट्री को भी शामिल किया जाएगा। योजना है कि इंडस्ट्री से 80 फीसदी तक फंडिंग कराई जाएगी, ताकि शोधकार्य के अलावा बाद में पीएचडी धारकों को सीधे नौकरी भी मिल सके। इंडस्ट्री को शामिल करने के चलते ही सीईओ को भी नियुक्त किया जाएगा।