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JEE: 85 फीसदी छात्रों को उनकी पहली पसंद के आधार पर मिले परीक्षा केंद्र

Fri, 25 Sep 2020 05:33 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • जेईई एडवांस्ड में  85.39  फीसदी को पहली पसंद का परीक्षा केंद्र मिला
  • आईआईटी दिल्ली की तैयारियां पूरी,1,55,551की फीस जमा, 5313 छात्रों ने नहीं भरी फीस
  • परीक्षा समाप्त होने पर एडमिट कार्ड के साथ कोविड-19 का सत्यापन देना होगा, न लिखने पर अयोग्य घोषित होंगे
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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देश के सभी 23 आईआईटी में दाखिले की 27 सितंबर को आयोजित होने वाली जेईई एडवांस्ड 2020 के लिए 85.39 फीसदी (1,32,798) छात्रों को उनकी पहली पसंद के आधार पर परीक्षा केंद्र मिला है। जबकि 97.94 फीसदी छात्रों को उनकी पहली तीन पसंद के आधार पर परीक्षा केंद्र अलॉट हुए हैं।

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जेईई एडवांस्ड 2020 में  कुल 160864 पंजीकृत छात्रों में से 1,55,551 ने ही फीस भरी है। जबकि 5313 छात्रों ने फीस नहीं दी है। यदि उक्त छात्र परीक्षा शुरू होने से पहले केंद्र में फीस नहीं करते हैं तो उन्हें बाहर कर दिया जाएगा। परीक्षा समाप्त होने पर छात्र को एडमिट कार्ड लौटाना होगा।


इसके साथ उसे कोविड-19 पॉजीटिव नहीं थे का सत्यापित पत्र भी लिखकर देना पड़ेगा। यदि कोई छात्र सत्यापित पत्र नहीं देता है तो फिर उसे एडवांस्ड 2020 में अयोग्य घेषित कर दिया जाएगा।
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आईआईटी दिल्ली के डायरेक्टर प्रो. वी रामगोपाल राव के मुताबिक, जेईई एडवांस्ड 2020 के चेयरमैन प्रो. सिद्धार्थ पांडेय की अध्यक्षता में प्रो. पराग सिंगला और प्रो. अपूर्वा दास तैयारियों में लगे हैं। कोविड-19 संक्रमण से छात्रों को बचाने और सुरक्षित परीक्षा आयोजित करवाने केलिए पहली बार 222 शहरों में 1150 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि मैं छात्रों और अभिभावकों को आश्वासन देता हूं कि जेईई एडवांस्ड 2020 टच फ्री और संक्रमण मुक्त होगी।इसलिए बिना डरे परीक्षा देने पहुंचे। बस कोविड-19 के तहत छात्रों को एडमिट कार्ड और एसएमएस के माध्यम  से  जो दिशा-निर्देश जारी हुए हैं, उनका पालन करें।

एक कमरे में 12 छात्रों के बैठने की व्यवस्था होगी। पहली बार छात्रों को परीक्षा केंद्र चुनने के लिए आठ विकल्प(च्वाइस) दिए गए थे। छात्रों की मांग के  तहत 85.39 फीसदी छात्रों कोक उनकी पहली पसंद,9.49 फीसदी को दूसरी पसंद, 3.69 फीसदी को तीसरी पसंद के आधार पर परीक्षा केंद्र अलॉट हुआ है।  सभी दिव्यांग छात्रों को उनकी पहली पसंद के आधार पर परीक्षा केंद्र दिए गए हैं।

हल्का बुखार या खांसी होने पर आइसोलेशन रूम में बैठना होगा:
यदि किसी छात्र को हल्का बुखार, खांसी होगी तो उसे आइसोलेशन रूम में बैठकर परीक्षा देनी होगी। हालांकि आइसोलेशन रूम में बैठने वाले छात्र को यह लिखकर देना होगा वह कोविड-19 पॉजीटिव नहीं है।

छात्रों के बीच दो कंप्यूटर रहेंगे खाली:
 एक से दूसरे छात्र केबीच छह फीट की दूरी होगी। इसलिए बीच में दो कंप्यूटर खाली रहेंगे। परीक्षा में दोनों पेपर से पहले बैठने वाले एरिया, कुर्सी, टेबल, मॉनिटर, की-बोड, माउस, डेस्ट आदि से लेकर दरवाजे, हैंडल, व्हीलचेयर(दिव्यांग छात्रों के लिए) आदि को सेनेटाइज किया जाएगा।

महत्वपूर्ण बिंदू:
- परीक्षा केंद्र में पेपर शुरू होने से पहले छात्र को अपने रोलनंबर के सामने हस्ताक्षर करना होगा। पहले अंगूठा लगाया जाता था। हालांकि इस बार हस्ताक्षर करने होंगे। हस्ताक्षर से पहले और बाद में हाथ सेनेटाइजर से साफ करवाये जाएंगे।

-परीक्षा केंद्र पहुंचने पर गेट पर ही  सबसे पहले छात्र के साबुन से हाथ धुलवाएं जाएंगे। उसको नया विशेष मॉस्क और दस्ताने मिलेंगे। इनको पहनना अनिवार्य होगा।

-जेईई एडवांस्ड के दौरान अलग-अलग स्लॉट(30 मिनट )में छात्रों को परीक्षा केंद्र में बुलाएगा। इसका मकसद परीक्षा केंद्र के बाहर भीड़ को कम करना है।

-परीक्षा केंद्र में बारकोड स्कैनर लगे होंगे। बिना किसी छात्र के एडमिट काड़रए केहाथ लगाए बारकोड स्कैनर से एडमिट कार्ड स्कैन हो जाएगा। स्क्रीन पर छात्र की सारी जानकारी जांच अधिकारी केसामने होगी।
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-यदि कोई छात्र परीक्षा केंद्र में कोविड-19 के नियमों का पालन नहीं करता है तो उसे परीक्षा से बाहर कर दिया जाएगा।

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