निदेशक के इस्तीफे की खबर पर आईआईटी बॉम्बे ने क्या कहा?
आईआईटी बॉम्बे ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा, "आईआईटी बॉम्बे के डायरेक्टर ने इस्तीफा नहीं दिया है। हम साफ तौर पर कहते हैं कि इससे जुड़ी खबर झूठी है।"
गौरतलब है कि प्रोफेसर केदारे ने रविवार देर रात प्रदर्शनकारियों से कहा था, "मैं इस्तीफा दे दूंगा; हालांकि, मुझे प्रक्रिया का पालन करना होगा और सोमवार को बैठक के बाद अपना फैसला बताऊंगा।" अब आईआईटी बॉम्बे की तरफ से ट्वीट कर इस्तीफे की फर्जी खबरों को नकार दिया गया है।
फैकल्टी फोरम ने प्रोफेसर दूल्ला का समर्थन किया
जहां आईआईटी बॉम्बे ने प्रोफेसर दूल्ला की डीनशिप निलंबित की है, वहीं आईआईटी बॉम्बे फैकल्टी फोरम ने उनके समर्थन में बयान जारी किया है।
फोरम ने कहा कि वह प्रोफेसर दूल्ला के साथ एकजुटता से खड़ा है। फोरम का कहना है कि प्रोफेसर दूल्ला ने संस्थान की सीनेट से मंजूर शैक्षणिक नीतियों के तहत अपनी जिम्मेदारी निभाई थी।
फोरम ने छात्र के परिवार के प्रति संवेदना भी जताई
फैकल्टी फोरम के अनुसार, प्रोफेसर दूल्ला 18 सितंबर को सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक मिड-टर्म परीक्षा में निरीक्षक की ड्यूटी पर थे। इसी दौरान उन्होंने एक छात्र को बिना अनुमति स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हुए देखा। फोरम ने इसे "शैक्षणिक कदाचार" बताया। संस्थान की तय प्रक्रिया के तहत प्रोफेसर दूल्ला ने मामले की जानकारी आगे की कार्रवाई के लिए संस्थान के अधिकारियों को दी।
फैकल्टी फोरम ने कहा कि वह अपने सहयोगी प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला की छवि खराब होने से बेहद दुखी है। फोरम के अनुसार, प्रोफेसर दूल्ला केवल अपनी शैक्षणिक जिम्मेदारी निभा रहे थे और संस्थान की तय प्रक्रिया का पालन कर रहे थे।
पुलिस ने केस क्राइम ब्रांच को सौंपा
मुंबई पुलिस ने छात्र की मौत से जुड़े मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है। छात्र के पिता ने परिसर के अधिकारियों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत के बाद मुंबई पुलिस ने आईआईटी बॉम्बे के प्रोफेसर और परीक्षा निरीक्षक सूर्यनारायण दूल्ला को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज की। छात्र के पिता ने शिकायत में उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि पिछले तीन महीने के दौरान प्रोफेसर ने छात्र के खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया था। इन आरोपों के आधार पर प्रोफेसर दूल्ला के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच अब मुंबई क्राइम ब्रांच कर रही है।