राज्य प्रवेश परीक्षा (एसईई) के बाद प्रदेश के इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट व फार्मेसी संस्थानों में प्रवेश के लिए काउंसलिंग का पहला चरण लगभग पूरा हो गया है। पूर्व की भांति इस साल भी पहले चरण में अभ्यर्थियों ने प्रदेश के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों को प्रथम वरीयता दी है। इसमें इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) लखनऊ, बीआईईटी झांसी व केएनआईटी, सुल्तानपुर छात्रों की प्राथमिकता में रहे।
पहले चरण की काउंसलिंग में 25 से 29 जून तक अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया और रविवार तक चॉइस लॉक किए गए। इसके अनुसार पहले राउंड में कुल 41,878 अभ्यर्थियों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया और 40,573 ने रजिस्ट्रेशन शुल्क जमा किया। शुल्क जमा करने वाले अभ्यर्थियों में से रविवार देर शाम तक 37,773 ने अपनी चॉइस भरी व लॉक की है। देर रात तक यह प्रक्रिया जारी रही।
अब तक जिन अभ्यर्थियों ने अपनी चॉइस भरी है, उन्होंने आईईटी को वरीयता दी है। आईईटी में अभ्यर्थियों ने विभिन्न ब्रांच में लगभग 1 लाख विकल्प भरे हैं। इसके बाद इस बार केएनआईटी की जगह बीआईईटी ने ले ली है। बीआईईटी में अभ्यर्थियों ने लगभग 75 हजार विकल्प भरे हैं। केएनआईटी तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। इसके बाद टॉप टेन में गाजियाबाद व नोएडा के प्राइवेट इंजीनियरिंग संस्थान हैं।
वहीं पिछले साल ही इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू करने वाले लखनऊ विश्वविद्यालय ने छात्रों के बीच काफी तेजी से जगह बनाई है। कई पुराने संस्थानों को पीछे छोड़ते हुए लखनऊ विवि छात्रों की पसंद के मामले में 12वें स्थान पर पहुंच गया है। यहां लगभग 25 हजार विकल्प भरे गए हैं। माना जा रहा है कि दूसरे राउंड की काउंसलिंग में यहां की पांच स्ट्रीम की 300 सीटें भर जाएंगी।
आज पहले राउंड का रिजल्ट
एसईई में पहले राउंड के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 29 जून को पूरी हुई। 30 जून तक डाक्यूमेंट वेरिफिकेशन हुआ। 1 जुलाई को रात 12 बजे तक चॉइस फिलिंग हुई। अब 2 जुलाई को विश्वविद्यालय प्रशासन पहले राउंड का रिजल्ट घोषित करेगा। अभ्यर्थी निर्धारित शुल्क जमा कर 5 जुलाई तक अपनी सीट कंफर्म कर सकेंगे। 6 जुलाई से काउंसलिंग का दूसरा राउंड शुरू होगा।