IIT Admissions: इन क्षेत्रों में शुरू होंगे बैचलर एंड मास्टर ऑफ साइंस पाठ्यक्रम
आईआईटी द्वारा जारी किए गए सर्कुलर में बीएस प्रोग्राम के साथ स्पेशलाइजेशन में एप्लाइड जूलॉजी, केमिस्ट्री, इकोनॉमिक्स, एक्प्लोरेशन जीओ फिजिक्स, मैथेमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग, एवं फिजिक्स में बीएस के साथ एमएस करने की सुविधा भी दी जा रही है। एमएस में ये सभी कोर्सेज नए हैं। इन कोर्सेज में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों को बीएस प्रोग्राम के दौरान छठे सेमेस्टर में एमएस करने के लिए विकल्प दिया जाएगा।
IIT Admissions: बीएस के साथ पांचवें साल में एमएस की डिग्री लेने का भी विकल्प
इंजीनियरिंग करिअर काउंसलर अमित आहूजा ने बताया कि विद्यार्थी बीएस प्रोग्राम के साथ-साथ पांचवें साल में एमएस की डिग्री भी ले सकते हैं। इससे एमएस करने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों का एक वर्ष बचेगा और उन्हें सीधे ही बीएस के साथ एमएस की डिग्री मिल सकेगी। इसके लिए अलग से परीक्षा नहीं देनी होगी। ऐसे में इस वर्ष जेईई एडवांस्ड के माध्यम से होने वाले प्रवेश में एमएस की सीटों में इजाफा होना तय हो गया।
IIT Admissions: कई वर्षों से बढ़ रही हैं आईआईटी की सीटें
आहूजा ने बताया कि गत कईं वर्षों से आईआईटी की सीटें बढ़ रही हैं। वर्ष 2018 में आईआईटी में कुल 11,727 सीटें थी जो कि 2019 में 13,328 हो गई, 2020 में 15 हजार से अधिक तथा 2021 में 16,232 एवं 2022 में 16,598 सीटें हो गईं थीं। इस वर्ष भी गत वर्षों की भांति आईआईटी में कई नए कोर्सेज शुरू होने की संभावना है। ऐसे में इस साल इन सीटों की संख्या 17 हजार के करीब हो सकती है।