आईआईएम कोलकाता ने गुरुवार, 14 नवंबर 2019 को ने अपना 59वां स्थापना दिवस मनाया। इस मौके पर पश्चिम बंगाला के राज्यपाल जयदीप धनखड़ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में आईआईएम कोलकाता ने अपने सात पूर्व छात्रों को विभिन्न क्षेत्रों में योगदान के लिए सम्मानित किया।
आईआईएम कोलकाता की निदेशक प्रोफेसर अंजू सेठ ने अपने संबोधन के दौरान बताया कि साल 1992 बैच के छात्रों ने संस्थान के विस्तार और निरंतर सुधार के लिए तीन करोड़ रुपये का समर्थन किया है। ये पूर्व छात्रों द्वारा दिया गया, आजतक का सबसे बड़ा उपहार है।
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संस्थान के 7वें बैच के पूर्व अध्यक्ष शेखर गणपति ने इस मौके पर कहा कि आईआईएम कोलकाता से हमें बहुत कुछ मिला है ,अब हम संस्थान के लिए कुछ करना चाहते थे। हम बहुत खुश हैं। हमें गर्व है कि यह हमारा संसथान है। यह सहयो हमने इसलिए किया कि हमारा संस्थान छात्रों और समाज को भविष्य में भी इसी तरह प्रभावित करता रहे। ये सहयोग अन्य बैच के छात्रों के लिए भी बेंचमार्क सेट करेगा।
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने स्थापना दिवस के मौके पर छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि यहां भारत के भविष्य में होने वाले नेता और चेंजमेकर बैठे हुए हैं। मैं उन्हें यही कहना चाहता हूं कि हमेशा एक समृद्ध भारत बनाने की ओर काम करें , केवल पैसा बनाने के दौड़ में न रहें। मैंने अपने अनुभव से यही सीखा है कि सच्ची खुशी समाज को वापस देने में और आसपास के लोगों के साथ जुड़ने में है। देश को आपसे बहुत उम्मीदें है। मुझे पूरा भरोसा है कि आप हमें गौरवान्वित करेंगे।
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समारोह के अंत में चेयरपर्सन, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स, आईआईएम कोलकाता ने छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में आईआईएम कोलकाता की भूमिका पर प्रकाश डाला।