रिसर्च लैब तक सीमित न रहे
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मांडविया ने ट्वीट कर कहा कि आने वाले दिनों में हम सभी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में इंटीग्रेटिव मेडिसिन के लिए अलग-अलग डिवीजन बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इंडेक्स को प्रोत्साहन देने के लिए हम सभी के लिए काम के दरवाजे खोल रहे हैं। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में जोर देते हुए कहा कि एकीकृत दवा समय की जरूरत है। यह देखते हुए कि अनुसंधान केवल सरकारी प्रयोगशालाओं तक ही सीमित नहीं होना चाहिए।
सरकार ने अनैतिक लाभ नहीं उठाया
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र आध्यात्मिक आयाम को पहचानने और सार्वजनिक निजी भागीदारी को प्रोत्साहित करने वाले रिसर्च को खोलना चाहता है। उनके अनुसार, सरकार ने कोविड-19 के समय लॉकडाउन के दौरान कीमतों में बढ़ोतरी किए बिना 150 से अधिक देशों को दवाएं भेजीं, जो संकट का नाजायज लाभ उठाने का एक तरीका होगा। उन्होंने कहा कि संकट के समय में मानव जाति की मदद करने के कारण दुनिया भारत पर भरोसा करने लगी है।