इन विषयों में शुरू हुए कार्यक्रम
- सामाजिक विज्ञान: अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र और इतिहास में एक वर्षीय एमए। ये पाठ्यक्रम चार वर्षीय यूजी ऑनर्स विद रिसर्च ट्रैक वाले विद्यार्थियों के लिए हैं।
- वाणिज्य : बीकॉम ऑनर्स करने वालों के लिए एक वर्षीय एमकॉम
- पत्रकारिता : पत्रकारिता एवं जनसंचार में एक वर्षीय एमए
- मानविकी : अंग्रेजी, हिंदी, संस्कृत और उर्दू में एक वर्षीय एमए
मानविकी के पाठ्यक्रमों में चार वर्षीय यूजी ऑनर्स विद रिसर्च और चार वर्षीय यूजी ऑनर्स करने वाले विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग ट्रैक रखे गए हैं।
क्या बदला?
अब तक स्नातक के बाद सामान्य तौर पर दो वर्षीय मास्टर डिग्री का विकल्प था। नई व्यवस्था राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत उच्च शिक्षा को अधिक लचीला बनाने की दिशा में कदम है। इग्नू के अनुसार, चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम पूरा करने वाले पात्र विद्यार्थी संबंधित विषय में एक वर्ष में मास्टर डिग्री पूरी कर सकेंगे।