1984 में आईआईटी कानपुर से की थी करियर की शुरुआत
कार्यवाहक कुलपति का पदभार ग्रहण करने से पहले, प्रो. कांजीलाल विश्वविद्यालय की प्रो-वाइस चांसलर (मार्च 2021-जुलाई 2024) के रूप में कार्यरत थीं। उन्होंने 1984 में आईआईटी कानपुर में एक शोध सहायक के रूप में अपना करियर शुरू किया और आईजीएनसीए में कैटलॉगर और प्रोफेशनल असिस्टेंट सहित विभिन्न पदों पर कार्य किया। इसके अलावा, इग्नू में लेक्चरर से लेकर प्रोफेसर तक के शैक्षणिक पदों तक पहुंचीं, जहां वे 2003 से कार्यरत हैं।
कांजीलाल ने विश्वविद्यालय में विभिन्न नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभाई हैं, जोकि इस प्रकार हैं:
- निदेशक, ऑनलाइन शिक्षा केंद्र (2019-2021)
- निदेशक, प्रौद्योगिकी सक्षम लचीली शिक्षा के लिए अंतर-विश्वविद्यालय संघ (2016-2019)
- निदेशक, सूचना विज्ञान और नवीन शिक्षण के लिए उन्नत केंद्र (2012-2013)
- निदेशक, सामाजिक विज्ञान स्कूल (2007-2010)
- विश्वविद्यालय पुस्तकालयाध्यक्ष (2004-2006)
कई पुरस्कारों से हो चुकीं हैं सम्मानित
उनके वैश्विक योगदानों में इलिनोइस विश्वविद्यालय, अर्बाना-शैंपेन (1999-2000) में फुलब्राइट फेलोशिप, कॉमनवेल्थ ऑफ लर्निंग के लिए परामर्श और जॉर्डन में UNRWA के लिए डिजिटल शिक्षा कार्य शामिल हैं। उन्हें ई-शिक्षा के लिए मंथन पुरस्कार, ऑस्ट्रेलिया-भारत परिषद अनुदान और DANIDA फेलोशिप सहित कई पुरस्कार प्राप्त हुए हैं।