तैयारी तो सभी करते हैं, लेकिन उसे करने का तरीका ही किसी को अन्य लोगों से अलग कर देता है। काम स्मार्ट तरीके से किया जाए तो रिजल्ट और बेहतर हो सकता है। यूपीएसई सेकेंड टॉपर अनु की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। अनु ने घर बैठकर किताबों के साथ ऑनलाइन भी पढ़ाई की थी। इससे उसको काफी मदद मिली। इन दिनों बोर्ड स्टूडेंट्स किताबी ज्ञान के साथ यूट्यूब, स्मार्ट फोन में मौजूद सीबीएसई सिलेबस के ऐप का सहारा भी ले रहे हैं। ये ऐप उन्हें परीक्षा के दौरान उत्तर लिखने में मददगार साबित होते हैं। अक्सर परीक्षा में छात्रों से वर्तमान में चल रहे मुद्दे को किताब के किसी विषय से जोड़कर सवाल पूछ लिया जाता है। सिर्फ किताबी ज्ञान वाले छात्र ऐसे में उलझ जाते हैं। यही वजह है कि पिछले कुछ सालों में ऑनलाइन पढ़ाई करने वालों का आंकड़ा बढ़ा है।
तत्कालीन मुद्दों से जोड़ा जाता है कोर्स
अधिकतर स्कूलों में सिलेबस पूरा हो चुका है या होने वाला है। अब छात्रों की शंकाओं का समाधान किया जा रहा है। छात्र रिविजन के लिए ऑनलाइन क्लास का सहारा ले रहे हैं। ऑनलाइन क्लास में टीचर ज्वलंत मुद्दे को सब्जेक्ट से जोड़कर पढ़ाई करा रहे हैं। पॉलिटिकल साइंस जैसे विषय में भारत के अन्य देशों के साथ संबंध में वर्तमान स्थिति का भी जिक्र किया जा रहा है। इसके अलावा, हर क्षेत्र में नए-नए शोध हो रहे हैं। अगर इनकी थोड़ी भी जानकारी होंगी, तो अतिरिक्त अंक मिल सकते हैं। इससे छात्रों की जानकारी बढ़ेगी और उत्तर लिखने में मदद मिलेगी।
प्रैक्टिस ही बनाती है परफेक्ट
पुरानी कहावत है कि प्रैक्टिस मेक मैन परफेक्ट। यह कहावत पूरी तरह सच है। आप सब्जेक्ट को जितना दोहराएंगे और सवालों की प्रैक्टिस करेंगे, उतने ही सब्जेक्ट में मजबूत महसूस करेंगे। अभी बहुत सारे ऑनलाइन ऐप मौजूद हैं, जो हर सब्जेक्ट की अलग-अलग प्रैक्टिस करा रहे हैं। हर दिन छात्रों को सवाल दे रहे हैं। इससे छात्रों को सब्जेक्ट पर पकड़ बढ़ रही है। अभी एनसीईआरटी किताबों और उनके हर चैप्टर के सवाल एप के जरिए मिल रहे हैं।
पूरी तरह नहीं ले सकते किताब का स्थान
सीबीएसई परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों को एनसीईआरटी की किताब जरूर पढ़नी चाहिए। परीक्षा के दौरान सीबीएसई बोर्ड की काउसंलर गीतांजलि कुमार ने बताया कि आजकल स्टूडेंट्स यूट्यूब, एप के जरिए भी पढ़ाई कर रहे हैं। इससे उनको बहुत कुछ नया सीखने को मिलता है, लेकिन छात्रों को सबसे पहले एनसीईआरटी की किताबें जरूर पढ़नी चाहिए। उसके बाद प्रत्येक टॉपिक को स्मार्ट तरीके से इंटरनेट के माध्यम से पढ़ सकते हैं। इससे जानकारी अच्छी हो जाएगी।
ये हैं स्मार्ट पढ़ाई के तरीके
- यूट्यूब के जरिए ऑनलाइन टीचर की क्लास अटेंड कर सकते हैं। यहां वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए पढ़ाया जाता है।
- व्हाट्स एप के जरिये ग्रुप बनाकर अन्य छात्रों से सवाल पर डिस्कशन कर सकते हैं। टीचर से ऑनलाइन सवाल पूछ सकते हैं।
- अभी एंड्रायड फोन में पढ़ाई के दो दर्जन से भी ज्यादा एप मिल जाएंगे। ये एनसीईआरटी की किताब को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं। हर सब्जेक्ट के अनुसार अलग-अलग एप तैयार किए गए हैं।
- प्रैक्टिस के लिए ऑनलाइन टेस्ट सीरीज भी मिल रही हैं।
अमर उजाला से बातचीत पर आधारित
- मेरे पास ह्यूमैनिटी हैं। मैं यूट्यूब से ही पढाई करती हूं। इससे मुझे बहुत हेल्प मिलती है। जनरल नॉलेज भी बढ़ती है। परीक्षा में लिखने के दौरान बहुत फायदा होता है। मैंने ट्यूशन नहीं लगाया है। - अदिति, कैंब्रिज स्कूल
- एप के जरिये बहुत कुछ नया सीखने को मिलता है। मैं रोज़ नए शब्दों को गूगल से सीखती हूं। इससे मुुझे परीक्षा में लिखने के दौरान बहुत मदद मिलती है। - प्रिया, श्याम सिंह स्मारक कन्या इंटर कॉलेज