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IELTS and TOEFL: विदेश में पढ़ने का है सपना? जानिए आईईएलटीएस और टीओईएफएल में कौन है बेस्ट

Sun, 13 Apr 2025 05:10 PM IST
शाहीन परवीन एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

IELTS vs TOEFL: अंग्रेजी भाषा की दक्षता को जांचने के लिए आईईएलटीएस और टीओईएफएल दोनों ही भरोसेमंद टेस्ट हैं। हालांकि, इनमें से कौन-सा टेस्ट चुनना चाहिए, इसे लेकर छात्रों में अक्सर भ्रम रहता है। ऐसे में दोनों टेस्ट के अंतर को समझना जरूरी हो जाता है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik
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विस्तार
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IELTS and TOEFL Comparison: आज के समय में हायर एजुकेशन (उच्च शिक्षा) लेना बहुत जरूरी हो गया है। सिर्फ स्कूल या कॉलेज की डिग्री काफी नहीं है, अब हर बड़ी कंपनी पढ़े-लिखे और स्किल्ड लोगों को ही नौकरी देना चाहती है। यही वजह है कि आजकल भारत के बहुत से छात्र न सिर्फ देश में, बल्कि विदेशों में भी पढ़ाई करने का सपना देख रहे हैं। लेकिन विदेश में पढ़ाई करने के लिए अंग्रेजी आना बेहद जरूरी है। अंग्रेजी में आपकी पकड़ कितनी अच्छी है, इसे परखने के लिए दो बड़े इंटरनेशनल टेस्ट होते हैं- एक है आईईएलटीएस और दूसरा है टीओईएफएल। तो चलिए जानते हैं कि ये दोनों टेस्ट क्या होते हैं, इनके बीच क्या फर्क है और आपके लिए कौन-सा टेस्ट बेहतर रहेगा।

आईईएलटीएस क्या है?

आईईएलटीएस यानी अंतर्राष्ट्रीय अंग्रेजी भाषा परीक्षण प्रणाली,, एक इंटरनेशनल इंग्लिश टेस्ट है जो मुख्य रूप से यूके, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और न्यूजीलैंड जैसे देशों में पढ़ाई, नौकरी या माइग्रेशन के लिए जरूरी माना जाता है। इस टेस्ट में चार सेक्शन होते हैं, सुनना, पढ़ना, लिखना और बोलना। इसमें खास बात यह है कि स्पीकिंग टेस्ट आमने-सामने एक्जामिनर के साथ होता है, जिससे आपकी बातचीत करने की क्षमता को परखा जाता है। यह टेस्ट पेपर-बेस्ड और कंप्यूटर-बेस्ड, दोनों फॉर्मेट में होता है, और इसमें स्कोर 0 से 9 बैंड के बीच दिया जाता है।

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टीओईएफएल क्या है?

टीओईएफएल का फुल फॉर्म है विदेशी भाषा के रूप में अंग्रेजी की परीक्षा। यह टेस्ट ज्यादातर अमेरिका, कुछ यूरोपीय देशों और एशियाई यूनिवर्सिटीज में मान्य होता है। इसमें भी चार सेक्शन होते हैं- पढ़ना, लिखना, सुनना और बोलना। फर्क यह है कि टीओईएफएल पूरी तरह से कंप्यूटर पर आधारित होता है और इसमें स्पीकिंग टेस्ट के लिए एक्जामिनर के सामने नहीं बोलना होता, बल्कि माइक्रोफोन में अपनी आवाज रिकॉर्ड करनी होती है। टीओईएफएल  में कुल स्कोर 120 में से दिया जाता है।

आईईएलटीएस और टीओईएफएल में क्या है अंतर?

आईईएलटीएस (IELTS) और टीओईएफएल (TOEFL) दोनों ही इंग्लिश लैंग्वेज टेस्ट हैं, लेकिन इनकी परीक्षा देने का तरीका, स्कोरिंग सिस्टम और भाषा की शैली थोड़ी अलग होती है। टीओईएफएल में ब्रिटिश इंग्लिश का ज्यादा प्रयोग होता है, जबकि टीओईएफएल में अमेरिकन इंग्लिश का। आईईएलटीएस में बोलने का टेस्ट आमने-सामने होता है, वहीं  टीओईएफएल में कंप्यूटर पर। स्कोरिंग में भी फर्क है। आईईएलटीएस में बैंड स्कोर होता है, जबकि टीओईएफएल में 120 में से अंक दिए जाते हैं।

आपके लिए कौन सा टेस्ट सही रहेगा?

अब सवाल ये आता है कि आपको इन दोनों में से कौन-सा टेस्ट चुनना चाहिए? अगर आप अमेरिका में पढ़ाई करना चाहते हैं, तो टीओईएफएल आपके लिए सही रहेगा। वहीं अगर आप यूके, कनाडा या ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में जाने की सोच रहे हैं, तो आईईएलटीएस को चुनना बेहतर होगा। इसके अलावा, अगर आप आमने-सामने इंटरव्यू देने में सहज हैं, तो आईईएलटीएस आपके लिए आसान हो सकता है। वहीं अगर आप टेक्नोलॉजी में कंफर्टेबल हैं और कंप्यूटर पर टेस्ट देना पसंद करते हैं, तो टीओईएफएल आपके लिए अच्छा ऑप्शन है।
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