टीओईएफएल क्या है?
टीओईएफएल का फुल फॉर्म है विदेशी भाषा के रूप में अंग्रेजी की परीक्षा। यह टेस्ट ज्यादातर अमेरिका, कुछ यूरोपीय देशों और एशियाई यूनिवर्सिटीज में मान्य होता है। इसमें भी चार सेक्शन होते हैं- पढ़ना, लिखना, सुनना और बोलना। फर्क यह है कि टीओईएफएल पूरी तरह से कंप्यूटर पर आधारित होता है और इसमें स्पीकिंग टेस्ट के लिए एक्जामिनर के सामने नहीं बोलना होता, बल्कि माइक्रोफोन में अपनी आवाज रिकॉर्ड करनी होती है। टीओईएफएल में कुल स्कोर 120 में से दिया जाता है।
आईईएलटीएस और टीओईएफएल में क्या है अंतर?
आईईएलटीएस (IELTS) और टीओईएफएल (TOEFL) दोनों ही इंग्लिश लैंग्वेज टेस्ट हैं, लेकिन इनकी परीक्षा देने का तरीका, स्कोरिंग सिस्टम और भाषा की शैली थोड़ी अलग होती है। टीओईएफएल में ब्रिटिश इंग्लिश का ज्यादा प्रयोग होता है, जबकि टीओईएफएल में अमेरिकन इंग्लिश का। आईईएलटीएस में बोलने का टेस्ट आमने-सामने होता है, वहीं टीओईएफएल में कंप्यूटर पर। स्कोरिंग में भी फर्क है। आईईएलटीएस में बैंड स्कोर होता है, जबकि टीओईएफएल में 120 में से अंक दिए जाते हैं।
आपके लिए कौन सा टेस्ट सही रहेगा?
अब सवाल ये आता है कि आपको इन दोनों में से कौन-सा टेस्ट चुनना चाहिए? अगर आप अमेरिका में पढ़ाई करना चाहते हैं, तो टीओईएफएल आपके लिए सही रहेगा। वहीं अगर आप यूके, कनाडा या ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में जाने की सोच रहे हैं, तो आईईएलटीएस को चुनना बेहतर होगा। इसके अलावा, अगर आप आमने-सामने इंटरव्यू देने में सहज हैं, तो आईईएलटीएस आपके लिए आसान हो सकता है। वहीं अगर आप टेक्नोलॉजी में कंफर्टेबल हैं और कंप्यूटर पर टेस्ट देना पसंद करते हैं, तो टीओईएफएल आपके लिए अच्छा ऑप्शन है।