IELTS and TOEFL Comparison: आज के समय में हायर एजुकेशन (उच्च शिक्षा) लेना बहुत जरूरी हो गया है। सिर्फ स्कूल या कॉलेज की डिग्री काफी नहीं है, अब हर बड़ी कंपनी पढ़े-लिखे और स्किल्ड लोगों को ही नौकरी देना चाहती है। यही वजह है कि आजकल भारत के बहुत से छात्र न सिर्फ देश में, बल्कि विदेशों में भी पढ़ाई करने का सपना देख रहे हैं। लेकिन विदेश में पढ़ाई करने के लिए अंग्रेजी आना बेहद जरूरी है। अंग्रेजी में आपकी पकड़ कितनी अच्छी है, इसे परखने के लिए दो बड़े इंटरनेशनल टेस्ट होते हैं- एक है आईईएलटीएस और दूसरा है टीओईएफएल। तो चलिए जानते हैं कि ये दोनों टेस्ट क्या होते हैं, इनके बीच क्या फर्क है और आपके लिए कौन-सा टेस्ट बेहतर रहेगा।
आईईएलटीएस यानी अंतर्राष्ट्रीय अंग्रेजी भाषा परीक्षण प्रणाली,, एक इंटरनेशनल इंग्लिश टेस्ट है जो मुख्य रूप से यूके, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और न्यूजीलैंड जैसे देशों में पढ़ाई, नौकरी या माइग्रेशन के लिए जरूरी माना जाता है। इस टेस्ट में चार सेक्शन होते हैं, सुनना, पढ़ना, लिखना और बोलना। इसमें खास बात यह है कि स्पीकिंग टेस्ट आमने-सामने एक्जामिनर के साथ होता है, जिससे आपकी बातचीत करने की क्षमता को परखा जाता है। यह टेस्ट पेपर-बेस्ड और कंप्यूटर-बेस्ड, दोनों फॉर्मेट में होता है, और इसमें स्कोर 0 से 9 बैंड के बीच दिया जाता है।