इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरी ऑफ इंडिया (आईसीएसआई) ने मंगलवार को एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम और प्रोफेशनल प्रोग्राम (पुराने और नए पाठ्यक्रम) की दिसंबर में आयोजित परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया। प्रोफेशनल प्रोग्राम (नया पाठ्यक्रम) में महाराष्ट्र की श्रुति कल्पेश शाह और पुराने पाठ्यक्रम में इंदौर के हर्षित जैन ने पहला स्थान हासिल किया है। वहीं एक्जीक्यूटिव प्रोग्राम (नया पाठ्यक्रम) में पुणे की कल्याणी अश्विन और चैन्नई की प्रिया जी. ने पुराने पाठ्यक्रम में पहला स्थान प्राप्त किया है।
द इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया के कार्यकारी सचिव सीएस अशोक कुमार दीक्षित के मुताबिक प्रोफेशनल प्रोग्राम (नया पाठ्यक्रम) में गाजियाबाद की उर्वशी गुप्ता दूसरे और मुंबई की मैत्री योगेश तीसरे स्थान पर रही हैं। वहीं प्रोफेशनल प्रोग्राम (पुराना पाठ्यक्रम) में मुंबई के सुशील प्रताप कुमावत को दूसरा व मुंबई के ही अब्दुल कादिर काजिम को तीसरा स्थान मिला है।
इसके अलावा एक्जीक्यूटिव प्रोग्राम (नया पाठ्यक्रम) में मुंबई के अमनदीप सिंह देवेंद्र सिंह ओबराय दूसरे व भीलवाड़ा के पुलक बंसल तीसरे स्थान पर रहे हैं। वहीं एक्जीक्यूटिव प्रोग्राम (पुराना पाठ्यक्रम) में मुंबई के जोश रंजन को दूसरा व नेल्लोर के वेंकटा सुरेंद्र को तीसरा स्थान मिला है।
जून 2020 में एक्जीक्यूटिव व प्रोफेशनल प्रोग्राम की अगली परीक्षा:
सीएस अशोक कुमार के मुताबिक, एक्जीक्यूटिव प्रोग्राम की परीक्षा एक जून 2020 और प्रोफेशनल प्रोग्राम की 10 जून 2020 को आयोजित होगी। बुधवार से आईसीएसआई की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन विंडो ओपन होगी। इच्छुक छात्र 25 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने के साथ फीस भर सकते हैं। एक्जीक्यूटिव प्रोग्राम और प्रोफेशनल प्रोग्राम की दिसंबर परीक्षा का परिणाम अधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि एक्जीक्यूटिव प्रोग्राम (पुराना पाठ्यक्रम) में 13.54 फीसदी छात्रों ने मॉड्यूल एक और 16.56 फीसदी ने मॉडयूल दो परीक्षा पास की है। वहीं एक्जीक्यूटिव प्रोग्राम (नया पाठ्यक्रम) में 7.68 फीसदी छात्रों ने मॉडयूल एक और 11.95 फीसदी छात्रों ने मॉडयूल दो की परीक्षा उत्तीर्ण की है। वहीं, प्रोफेशनल प्रोग्राम (पुराना पाठ्यक्रम) में 30.11 फीसदी मॉडयूल एक, 23.74 फीसदी मॉडयूल दो और 34.26 फीसदी छात्रों ने मॉडयूल तीन की परीक्षा पास की है। वहीं प्रोफेशनल प्रोग्राम (नया पाठ्यक्रम) में 40.08 फीसदी मॉडयूल एक, 28.59 फीसदी मॉडयूल दो और 31.07 फीसदी छात्रों ने मॉडयूल तीन परीक्षा पास की है।