केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने मंगलवार को 'मनोदर्पण' प्लेटफॉर्म लॉन्च किया। कोरोना वायरस की वजह से स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थियों के अवसाद एवं तनाव को दूर करने के लिए सरकार की तरफ से इस डिजिटल प्लेटफॉर्म को पेश किया गया है। गौरतलब है कि वैश्विक कोरोना महामारी की वजह से विद्यार्थियों में अवसाद और तनाव के बढ़ते मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में इस प्लेटफॉर्म के जरिए विद्यार्थी काउंसलिंग के जरिए अपने तनाव को दूर कर सकते हैं।
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एचआरडी मंत्री निशंक ने इस प्लेटफॉर्म को भारत सरकार के आत्मनिर्भर अभियान के अंतर्गत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया। मनोदर्पण अभियान को केंद्रीय मंत्रालय के विद्यालय शिक्षा विभाग एवं उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संयुक्त रूप से शुरु किया गया है। इस अभियान के तहत विद्यार्थियों के लिए हेल्पलाइन नंबर शुरू की गई है। जिसके जरिए वो अपनी काउंसलिंग करा सकेंगे। इस हेल्पलाइन नंबर 844844032 के जरिए विद्यार्थी सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे के बीच फोन के जरिए काउंसलिंग ले सकेंगे।
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खास बात है कि इसमें 500 काउंसलर्स विद्यार्थियों के अवसाद को दूर करने के लिए उनको काउंसलिंग देंगे। विद्यार्थी इस नंबर के जरिए तनाव और अवसाद के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं और सलाह ले सकते हैं। शुरुआत में विद्यार्थियों के तनाव और अवसाद को दूर करने के लिए 100 काउंसलर्स रहेंगे जिनकी संख्या बाद में 500 की जाएगी। मनोदर्पण पहल के अंतर्गत वेबसाइट manodarpan.mhrd.gov.in पर मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित सामग्री और परामर्शदाता उपलब्ध कराये गये हैं। इससे छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के साथ-साथ आमजन भी मदद ले सकते हैं। मानव संसाधन विकास मंत्रालय की तरफ से दिए गए रिप्रेजेंटेशन में बताया गया है कि हर दिन कोई न कोई विद्यार्थी तनाव के कारण आत्महत्या कर रहा है। इस तरह करीब हर महीने 28-29 विद्यार्थी आत्महत्या कर रहे हैं। देश में 12 करोड़ स्कूली बच्चे हैं। सरकार ने विद्यार्थियों के बीच बढ़ते इस अवसाद को दूर करने के लिए ही यह हेल्पलाइन नंबर शुरू की है। विद्यार्थी अपनी समस्याओं को लेकर काउंसलरों से ऑनलाइन चैट भी कर सकेंगे।