मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने बुधवार को विद्यादान-2 कार्यक्रम की शुरुआत की। विभिन्न ऑनलाइन एजुकेशन प्लेटफार्म पर गुणवत्तापूर्ण डिजिटल पाठ्य सामग्री उपलब्ध करवाने के लिए विद्यादान-2 की शुरुआत की गई है। शिक्षा मंत्री ने इसे ऑनलाइन शिक्षा को लेकर बड़ी पहल बताया है। उनका कहना है कि ऑनलाइन शिक्षा को बिना किसी अवरोध के जारी रखने के लिए विद्यादान-2 की शुरुआत की गई है।
क्या है विद्यादान-2?
विद्यादान एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है। इसके तहत विभिन्न शिक्षाविदों और संगठनों को पाठ्यक्रम के अनुसार ई-लर्निंग सामग्री विकसित करने और इसमें योगदान देने के लिए जोड़ा जायेगा। अगर कोई शिक्षाविद ई-लर्निंग सामग्री विकसित करने में अपना योगदान देना चाहता है, तो वो इस कार्यक्रम के तहत अपना योगदान दर्ज करवा सकता है।
इसे भी पढ़ें-आंध्र प्रदेश सरकार ने कॉलेज में दाखिले के लिए जारी किए ये निर्देश
विद्यादान-2 पर आने वाली सामग्री की समीक्षा विशेषज्ञों द्वारा की जाएगी। इसके बाद इस सामग्री को दीक्षा एप पर जारी किया जाएगा। दीक्षा एप के जरिए इस सामग्री का एक्सेस विद्यार्थी कर पाएंगे। राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपने हिसाब से इस कार्यक्रम की शुरुआत कर सकते हैं। विभिन्न संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों और शिक्षकों को इस कार्यक्रम से जोड़ सकते हैं। ये लोग इस कार्यक्रम के तहत पाठ्य सामग्री उपलब्ध करा सकते हैं। सरकार का कहना है कि जल्द ही इस कार्यक्रम का लाभ उच्च शिक्षा प्राप्त विद्यार्थियों को भी पहुंचाया जाएगा।