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JU Ragging Case: कानून व्यवस्था को लेकर किए गए उपायों पर अदालत ने मांगा जवाब, जेयू से की हलफनामे की मांग

Tue, 05 Sep 2023 05:29 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

JU Ragging Case: कोलकाता उच्च न्यायालय ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मंगलवार को जादवपुर विश्वविद्यालय को नियमों और विनियमों का अनुपालन करने का निर्देश दिया है। अदालत ने जादवपुर विश्वविद्यालय से एक हलफनामा भी मांगा है।
 
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Jadavpur University - फोटो : Social Media
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विस्तार
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Jadavpur University Student Death: जादवपुर यूनिवर्सिटी में स्नातक के छात्र की मौत मामले में पिछले कई दिनों से सुर्खियों में है। इस मामले पर कोलकाता उच्च न्यायालय ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मंगलवार को जादवपुर विश्वविद्यालय को नियमों और विनियमों का अनुपालन करने का निर्देश दिया है। दरअसल, इस याचिका में प्रतिष्ठित संस्थान में उचित शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित करने के उपायों की मांग की गई थी।

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अदालत ने जादवपुर विश्वविद्यालय से एक हलफनामा मांगा है। अदालत ने कहा है कि इस हलफनामे में विश्वविद्यालय द्वारा उठाए गए सभी कदमों का ब्यौरा दिया जाना चाहिए और याचिकाकर्ता द्वारा उसके अधिकारियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों का भी जवाब दिया जाए। विश्वविद्यालय के अधिकारियों द्वारा न्यायमूर्ति हिरण्मय भट्टाचार्य की खंडपीठ के सामने एक पेपरबुक पेश की गई। इसमें विश्वविद्यालय की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था कार्यकारी परिषद द्वारा पारित कानूनों और प्रस्तावों की जानकारी थी।

यूजीसी को विश्वविद्यालय और उससे संबंधित मामलों पर उसके द्वारा बनाए गए दिशानिर्देशों या विनियमों के बाध्यकारी प्रभाव को रिकॉर्ड में रखने का भी निर्देश दिया गया था। कोर्ट ने कहा कि सुनवाई की अगली तारीख (26 सितंबर) को इन हलफनामों पर विचार करने के बाद फैसला लिया जाएगा।
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बंगाली विभाग के एक 17 वर्षीय छात्र की 9 अगस्त को लड़कों के मेन हॉस्टल की दूसरी मंजिल की बालकनी से गिरने से मौत हो गई। उसके परिवार ने आरोप लगाया कि उनका लड़का रैगिंग का शिकार था।


जेयू रैगिंग मामले में चार छात्रों के आजीवन निष्कासन की सिफारिश
जादवपुर विश्वविद्यालय (जेयू) के एक छात्र की रहस्यमय मौत के मामले में गठित आंतरिक जांच समिति ने चार मौजूदा छात्रों को आजीवन निष्कासित करने की सिफारिश की है। साथ ही 25 पूर्व छात्रों को हॉस्टल से बाहर निकालने की भी सिफारिश की गई है। आंतरिक जांच समिति ने सिफारिशों में छात्रावास अधीक्षक की भूमिका की जांच करने और दोषी पाए जाने पर दंडित करने की भी सिफारिश की है।

उल्लेखनीय है कि छात्र की मौत को एक महीना बीत चुका है। रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि रैगिंग के आरोपी हर छात्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। सूत्रों के मुताबिक जादवपुर विश्वविद्यालय में छात्र की मौत के बाद कुलपति के निर्देश पर एक समिति का गठन किया गया था। जांच समिति ने भी पूरी रिपोर्ट सौंप दी है।

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