कोरोना महामारी की भयावह स्थिति के कारण, बचाव दिशा-निर्देशों को सख्ती से पालन किया जाएगा। एक परीक्षा कक्षा में केवल 20 छात्रों को बैठने की अनुमति होगी। बता दें गुजरात बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में छह लाख 83 हजार छात्र शामिल होंगे।
जीएसईबी की योजना के अनुसार, छात्रों के लिए, 50 अंकों के लिए बहुविकल्पीय प्रश्नों और 50 अंकों के सब्जेक्टिव पेपर के साथ 100 अंकों की परीक्षा आयोजित की जाएगी। यह उन छात्रों के लिए लागू होगा जिन्होंने साइंस स्ट्रीम का विकल्प चुना है। हालांकि, आर्ट्स और कॉमर्स स्ट्रीम के छात्रों को 100 अंकों की सब्जेक्टिव परीक्षा देनी होगी।
प्रत्येक परीक्षा तीन घंटे की होगी। बोर्ड के छात्रों को उनके स्कूल के पास एक परीक्षा केंद्र मिलेगा ताकि उन्हें कोरोना महामारी के इस विकट समय के दौरान दूर की यात्रा न करनी पड़े। इससे पहले, गुजरात सरकार ने 13 मई को कक्षा 10वीं के नियमित छात्रों को बिना परीक्षा के प्रमोट करने की घोषणा की थी।
इसके आधार पर राज्य में कक्षा 10वीं के 8.72 लाख से अधिक छात्रों को अगली कक्षा यानी 11वीं में प्रमोट किया जा चुका है। उस वक्त, शिक्षा मंत्री ने कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए बड़े पैमाने पर सीधी पदोन्नति से इनकार किया था उन्होंने कहा था कि परीक्षाएं सुरक्षित माहौल में आयोजित करना सुनिश्चित की जाएंगी। इससे पहले ही राज्य सरकार ने कक्षा एक से नौवीं और कक्षा 11वीं के छात्र-छात्राओं के लिए बिना परीक्षा के ही अगली कक्षाओं में क्रमोन्नति की घोषणा की थी।