APAAR ID क्या है और यह क्यों जरूरी है?
APAAR (Automated Permanent Academic Account Registry) ID एक डिजिटल शैक्षणिक खाता है, जो छात्रों की शैक्षिक उपलब्धियों, प्रमाणपत्रों और अन्य क्रेडिट (स्किलिंग, खेल, सामाजिक कार्य आदि) को सुरक्षित रूप से स्टोर करता है। यह अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (ABC) से जुड़ा होता है, जो छात्रों को औपचारिक और अनौपचारिक शिक्षा के दौरान अर्जित सभी प्रमाणपत्रों और उपलब्धियों को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने में मदद करता है।
गोवा के शिक्षा निदेशक शैलेश जिंगड़े ने पीटीआई से बात करते हुए बताया, "नर्सरी से 12वीं कक्षा तक सभी छात्रों को एक विशिष्ट APAAR ID नंबर आवंटित किया जाएगा।"
उन्होंने आगे कहा, "गोवा में कुल 2,91,931 छात्र नर्सरी से लेकर 12वीं कक्षा तक पढ़ाई कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने अभी इसे अनिवार्य नहीं किया है, लेकिन हमने इसे आगामी सत्र से सभी छात्रों के लिए अनिवार्य कर दिया है, खासकर दोपहर के भोजन और अन्य सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए।"
APAAR ID के लाभों से अवगत कराया गया
शैलेश जिंगड़े ने बताया कि APAAR ID लागू करने से पहले शिक्षकों और अभिभावकों को इसके फायदों के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने कहा, "उदाहरण के लिए, अगर किसी छात्र को शैक्षिक प्रमाणपत्र की जरूरत हो और उसकी हार्ड कॉपी खो गई हो, तो वह इसे आसानी से DigiLocker से प्राप्त कर सकता है। इससे छात्रों को कभी भी अपने प्रमाणपत्र और रिकॉर्ड डिजिटल रूप से एक्सेस करने की सुविधा मिलेगी।"
इसके अलावा, नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत राज्य सरकार शैक्षणिक बैंक ऑफ क्रेडिट प्रणाली को अपनाने की तैयारी कर रही है। इस सिस्टम के जरिए छात्रों के पूरे शैक्षिक जीवन में अर्जित क्रेडिट्स डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेंगे।
116 स्कूलों ने 100% APAAR पंजीकरण पूरा किया
शैलेश जिंगड़े ने बताया कि अब तक गोवा के 116 स्कूलों में 100% APAAR पंजीकरण पूरा हो चुका है। उन्होंने स्कूलों के प्रमुखों का धन्यवाद करते हुए कहा, "कुछ समय पहले हमें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा था, और हमारा रजिस्ट्रेशन केवल 30% था। लेकिन, शिक्षाविद् सिंधु प्रभुदेसाई और मेल्विन डी'कोस्टा को दो अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी दी गई, जिससे पंजीकरण प्रतिशत बढ़कर 70% तक पहुंच गया।"
उन्होंने यह भी बताया कि गोवा अब पूरे देश में 12वें स्थान पर है और जल्द ही 11वें स्थान पर पहुंचने की संभावना है।
स्कूलों ने APAAR को सराहा, छात्रों के लिए उपयोगी बताया
राज्यभर के स्कूलों ने इस नई पहल का स्वागत किया है। उत्तर गोवा के नेउरा डोंगरीम स्थित श्री दयानंद आर्य हाई स्कूल के प्रधानाध्यापक माधव कृष्ण खारवी ने इसे भारत में डिजिटल और सुलभ शिक्षा प्रणाली की ओर एक बड़ा कदम बताया।
उन्होंने कहा, "यह एक दूरदर्शी योजना है। मुझे विश्वास है कि APAAR ID हमारे छात्रों के लिए बेहद लाभदायक होगी। यह उनके लिए जीवनभर एक डिजिटल पासपोर्ट की तरह काम करेगी।"
उन्होंने आगे बताया कि छात्र इस ID का उपयोग अपने सभी शैक्षिक रिकॉर्ड और उपलब्धियों को एक ही स्थान पर सुरक्षित रखने के लिए कर सकते हैं।