IPU: गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (आईपीयू) में अब नए प्रोग्राम के लिए संबद्धता लेना महंगा हो गया है। संस्थानों को पहले के मुकाबले अधिक राशि का भुगतान करना होगा। दरअसल हाल ही में बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट ने विश्वविद्यालय से पहले से संबद्ध संस्थानों और चिकित्सा और गैर-चिकित्सा कार्यक्रमों के लिए संबद्धता के इच्छुक नए संस्थानों से ली जाने वाली फीस में संशोधन को मंजूरी दी थी।
अब आईपीयू ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। यह संशोधित फीस सत्र 2025-26 से लागू होगी। नए संस्थान को एमबीबीएस और बीडीएस प्रोग्राम को छोड़कर अन्य नए प्रोग्राम की संबद्धता प्राप्त करने के लिए अब 15 हजार रुपये प्रति कोर्स के बजाय अब 18 हजार रुपये प्रति कोर्स के हिसाब से आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा। इसी प्रकार स्थायी संबद्धता फीस के लिए सलाना 45 हजार रुपये की जगह अब दो लाख रुपये सलाना प्रति कोर्स लिए जाएंगे।
प्रोविजनल संबद्धता के लिए प्रोसेसिंग फीस के लिए प्रति कोर्स पहले 45 हजार रुपये लिए जाते थे, अब इसमें संशोधन कर इसे बढ़ाकर 54 हजार रुपये प्रति कोर्स किया गया है। प्रोविजन संबद्धता को जारी रखने के लिए 60 छात्र होने पर पहले 75 हजार रुपये शुल्क का भुगतान करना होता था। अब इसे बढ़ाकर 90 हजार कर दिया गया है। 120 छात्र होने पर अब 1.35 लाख देने होंगे। पहले यह राशि 112500 रुपये थी। जबकि 180 छात्रों से ज्यादा होने पर प्रति प्रोग्राम 1. 50 लाख लिए जाते थे, अब यह राशि बढ़ाकर 1.80 लाख कर दी गई है। संस्थानों को स्थायी संबद्धता फीस के रूप में वार्षिक 2 लाख रुपये देने होंगे जबकि पहले यह राशि 45 हजार रुपये थी।
एमबीबीएस, बीडीएस की संबद्धता फीस अलग
यदि कोई संस्थान एमबीबीएस और बीडीएस प्रोग्राम शुरू करना चाहता है तो उसकी संबद्धता फीस अलग होगी। इन प्रोग्राम से संबंधित नया प्रोग्राम शुरू करने पर प्रति कोर्स 15 हजार की जगह अब 22,500 रुपये का भुगतान संस्थान को करना होगा। प्रोविजनल संबद्धता के लिए प्रोसेसिंग फीस के लिए प्रति कोर्स पहले 90 हजार रुपये लिए जाते थे, अब इसे बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये प्रति कोर्स कर दिया गया है। स्थायी संबद्धता शुल्क के लिए 1,12,500 रुपये की जगह अब 168750 रुपये का भुगतान करना होगा। यदि कोई संस्थान आईपीयू से असंबद्ध होना चाहता है तो उसके लिए प्रति प्रोग्राम 18 हजार से लेकर 50,000 रुपये शुल्क देय होगा।