दिल्ली विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2019-20 में खेल कोटे से दाखिले की राह कठिन होने जा रही है। इस बार स्पोर्ट्स कोटे के दाखिले में तीन खेलों को लेकर बदलाव किए गए हैं। छात्र-छात्राओं द्वारा खेले जाने वाले खेल ही मान्य होंगे। दाखिला प्रक्रिया में यह बदलाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेले जाने वाले खेलों के कारण किया जा रहा है।
दाखिला प्रक्रिया से जुड़े सूत्रों के अनुसार, कॉमनवेल्थ खेलों में नेट बॉल खेल महिला श्रेणी में खेला जाता है। ऐसे में दाखिला प्रक्रिया में इस खेल को पुरुष श्रेणी के लिए नहीं माना जाएगा। इस तरह से इस खेल में केवल छात्राओं का ही दाखिला हो सकेगा। एशियन खेलों में बेस बॉल महिला श्रेणी में नहीं खेला जाता है, जिसे केवल पुरुष ही खेलते हैं। इस खेल से महिला कैटेगिरी को हटाया जा रहा है। इस खेल के ट्रायल केवल छात्रों के लिए होंगे। बीते साल तक इस खेल को छात्र-छात्राओं की कैटेगिरी में रखा गया था। सॉफ्ट बॉल खेल महिला श्रेणी में खेला जाता है। इसे पुरुष श्रेणी से हटाया जा रहा है।
स्पोर्ट्स कोटे के दाखिले में जोनल व राज्य स्तर पर खेले गए खेलों में भागीदारी करने पर दाखिला नहीं होगा। दाखिले में छात्रों के पास इन स्तर पर खेले गए खेलों में पहले से लेकर तीसरे स्थान पर होना जरूरी है, तभी वह दाखिले के लिए होने वाले स्पोर्ट्स ट्रायल में हिस्सा ले सकेंगे। बीते साल की तरह इस साल भी हर खेल के लिए अलग फिजिकल टेस्ट होगा। मसलन, क्रिकेट में दाखिला चाहते हैं तो उसी लिहाज से ही फिजिकल टेस्ट होगा। शूटिंग में दाखिला भी उसी के हिसाब से लिए गए फिजिकल टेस्ट से होगा।
इनमें नहीं होगा परिवर्तन
स्पोर्ट्स कोटे से दाखिले में ट्रायल और सर्टिफिकेट की वेटेज में बदलाव नहीं होगा। पहले की तरह ट्रायल की वेटेज 60 फीसदी व 40 फीसदी वेेटेज सर्टिफिकेट की होगी। 60 फीसदी में से छात्रों को कम से कम 30 फीसदी अंक लाना जरूरी है। फंडामेंटल स्किल और खेल योग्यता को भी परखा जाएगा। उल्लेखनीय है कि डीयू में स्पोर्ट्स कोटे के तहत लगभग 2600 सीटें हैं, जिनके लिए हर साल 12 हजार से अधिक आवेदन आते हैं।