संयुक्त सचिव पद की उम्मीदवार दीपिका झा ने कहा कि प्रत्येक कॉलेज में महिला छात्रावास की व्यवस्था, परिसरों में पिंक बूथ एवं महिला सुरक्षाकर्मियों की पर्याप्त उपलब्धता, सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन की उपलब्धता जैसे संवेदनशील विषयों पर एबीवीपी कार्य करेगी। एबीवीपी के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सोलंकी ने कहा कि एबीवीपी का घोषणा पत्र डीयू के छात्रों के वास्तविक मुद्दों को रेखांकित करने वाला है। छात्र कल के नहीं बल्कि आज के नागरिक है। एबीवीपी अपने घोषणा पत्र के मुद्दों को छात्र-छात्राओं के बीच प्रमुखता से ले जाएगी।
एनएसयूआई उम्मीदवार को बताया पैराशूट
एबीवीपी की राष्ट्रीय मंत्री शिवांगी खरवाल ने कहा एनएसयूआई से डूसू अध्यक्ष पद की उम्मीदवार पैराशूट उम्मीदवार हैं। छह साल तक एनएसयूआई का झंडा उठाकर चलने वाले उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया गया। वर्तमान में डूसू अध्यक्ष रील बाज है। उन्होंने छात्र हित के लिए कुछ नहीं किया।
एबीवीपी घोषणा पत्र के अहम बिंदु
- रियायती मेट्रो पास और स्वास्थ्य बीमा: एबीवीपी ने छात्रों के लिए रियायती मेट्रो पास और अनुदानित स्वास्थ्य बीमा को प्राथमिक मुद्दा बनाया है। साथ ही विश्वविद्यालय स्तर पर यूनिवर्सिटी हेल्थ कार्ड जारी करने की घोषणा की।
- महिला सुरक्षा और सुविधा: पिंक बूथ, सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन, महिला छात्रावास की अनिवार्यता, आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर, गर्ल्स कॉमन रूम और महिला रोग विशेषज्ञ की तैनाती शामिल है।
- दिव्यांगों के लिए विशेष प्रावधान: एबीवीपी ने कैंपस को दिव्यांग अनुकूल बनाने हेतु एक्सेसबिलिटी ऑडिट, रैंप, विशेष शौचालय, छात्रवृत्ति और हेल्थ वेलनेस सोसाइटी जैसे कदमों का वादा किया है।
- खेल और फिटनेस पर जोर: घोषणापत्र में कॉलेजों और छात्रावासों में ओपन जिम, खेल सामग्री, पौष्टिक आहार और प्रतियोगिताओं के आयोजन की बात की गई है।
- डिजिटल और टेक्नोलॉजी सशक्तिकरण: छात्रों को फ्री हाई-स्पीड वाई-फाई, आधिकारिक सूचनाओं का डिजिटल प्रसारण, और निशुल्क एआई प्रशिक्षण कार्यक्रम उपलब्ध कराने की योजना है।
- रोजगार और इंटर्नशिप अवसर: 10,000 से अधिक छात्रों को इंटर्नशिप देने की घोषणा। प्लेसमेंट सेल, जॉब फेयर, उद्यमिता कौशल केंद्र और पढ़ाई के साथ कमाई कार्यक्रम को बढ़ावा दिया जाएगा।
- शैक्षणिक सुधार और शोध सुविधा: परीक्षा परिणाम समय पर घोषित करने, चतुर्थ वर्ष शोध छात्रों के लिए सुविधाएं, नेट परीक्षा के लिए विशेष कक्षाएं चलाने की घोषणा की गई है।
- स्थायी डूसू कार्यालय और छात्र प्रतिनिधित्व: एबीवीपी ने स्थायी डूसू कार्यालय, आईसीसी चुनाव, और एकेडमिक काउंसिल में छात्रों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का वादा किया है।
- मानसिक स्वास्थ्य और काउंसिलिंग: छात्रों में बढ़ते तनाव को देखते हुए काउंसिलिंग सेशन, माइंडफुलनेस सेंटर और स्वास्थ्य से जुड़ी सोसाइटी की स्थापना पर जोर दिया गया है।