गुजरात माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड जल्द ही कक्षा 10वीं के लिए सरल टेस्टबुक जारी करेगा। एक उन लोगों के लिए जो गणित को कठिन समझते हैं और एक उनके लिए जो कक्षा 12वीं के बाद विज्ञान स्ट्रीम में ही भविष्य बनाना चाहते हैं। राज्य सरकार कक्षा 10वीं के छात्रों के लिए गणित के लिए दो अलग-अलग पाठ्यपुस्तकों की शुरुआत करेगी।
ये नियम गुजरात बोर्ड ने 3 दशक पहले अपनाया था। बता दें कि उस समय सिलेबस में एलिमेंट्री गणित हुआ करती थी। ये गणित उन लोगों के लिए होती थी जो आगे के लिए साइंस स्ट्रीम रखने में भविष्य नहीं बनाना चाहते थे। सीबीएसई भी इस नियम को फॉलो करता है।
इस सिस्टम को बोर्ड फिर से इसलिए अपना रहा है क्योंकि देखा गया है कि छात्र बड़ी संख्या में फेल हो रहे हैं। और इसके पीछे कारण है गणित। बड़ी संंख्या में छात्र गणित पसंद नहीं करते हैं और हमेशा असफल हो जाते हैं। यही कारण है कि छात्र पढ़ाई को बीच में ही छोड़ देते हैं। अगर इस साल के परिणामों की बात करें तो इस साल केवल 60.76 फीसदी छात्र पास हुए यानी 7.92 लाख रेग्युल छात्रों में से सिर्फ 4.81 लाख छात्र सफल हुए हैं। ऐसे में शिक्षा कमिटी ने पिछले साल इस मामले पर चर्चा की और दो अलग-अलग मैथ्स की बुक्स लाने का प्रस्ताव पास किया। अब इस प्रस्ताव को राज्य सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है।
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