आईआईटी के इतिहास में पहली बार छात्रों को तीसरी बार जेईई एडवांस्ड -2021 में भाग लेने का मौका मिल रहा है। कोविड-19 के चलते ज्वाइंट एडमिशन बोर्ड ने एक साल के लिए योग्य उम्मीदवारों के लिए दाखिला नियमों में बदलाव के साथ जेईई एडवांस्ड-2020 की परीक्षा न दे पाने वाले छात्रों के लिए राहत का एलान किया है। ऐसे छात्रों को जेईई एडवांस्ड- 2021 में दोबारा बैठने का मौका मिलेगा।
हालांकि, यह सुविधा उन्हीं सफल छात्रों को मिलेगी, जिन्होंने जेईई एडवांस्ड -2020 में रजिस्ट्रेशन किया था, लेकिन किसी कारण से परीक्षा में भाग नहीं ले सके थे।
ज्वाइंट एडमिशन बोर्ड की मंगलवार को आयोजित बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, सभी आईआईटी के डायरेक्टर, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी, यूजीसी और एआईसीटीई के पदाधिकारी भी शामिल रहे।
छात्रों की मांग पर ज्वाइंट एडमिशन बोर्ड की यह विशेष बैठक बुलायी गयी थी, जिसमें जेईई एडवांस्ड 2021 में एक अतिरिक्त मौका देने का प्रस्ताव था।
इस बैठक में जेईई मेन्स 2020 से जेईई एडवांस्ड 2020 के लिए सफल ऐसे छात्र, जिन्होंने रजिस्ट्रेशन करवा लिया था, लेकिन कंटेनमेंट जोन, कोविड-19 पॉजीटिव या किसी अन्य कारण से परीक्षा नहीं दे पाए, उन्हें जेईई एडवांस्ड 2021 में एक अन्य मौका दिए जाने का फैसला लिया गया। जेईई एडवांस्ड 2020 में रजिस्ट्रेशन नहीं करवाने वाले सफल छात्रों को यह लाभ नहीं मिलेगा।
हालांकि, यह अतिरिक्त तीसरा मौका सिर्फ कोविड-19 के चलते इसी वर्ष के छात्रों को दिया जा रहा है।
पांच हजार से अधिक छात्रों को लाभ
आईआईटी प्रबंधन के मुताबिक, इस फैसले से पांच हजार से अधिक छात्रों को लाभ मिलेगा। दरअसल जेईई मेन्स-2020 में से टॉप 2.50 लाख छात्रों ने जेईई एडवांस्ड के लिए क्वालिफाइड किया था। हालांकि उसमें से 1,60, 864 छात्रों ने ही रजिस्ट्रेशन करवाया था।
इसमें से 1,55, 551 छात्रों ने ही परीक्षा दी थी। जिन छात्रों ने एडवांस्ड पोटर्ल पर रजिस्ट्रेशन करवा लिया था, बेशक फीस नहीं दी थी, वे भी इस नए फैसले के लिए योग्य उम्मीदवार होंगे।