Email Writing: "फर्स्ट इंप्रेशन इज द लास्ट इंप्रेशन" यह उक्ति तो आपने सुनी ही होगी। इसका आशय है कि पहली बार में आप किसी के सामने अपनी जैसी छवि बनाएंगे, वह आपको उसी नजरिये से देखेगा। यही बात ई-मेल के मामले में भी लागू होती है। चाहे आप छात्र हों या कोई पेशेवर, संचार करने के लिए ई-मेल का इस्तेमाल तो करते ही होंगे। भागदौड़ भरी इस दुनिया में अक्सर आप बिना सोच-विचार किए हड़बड़ी में ई-मेल भेज देते हैं और कुछ गलतियां कर बैठते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि ये गलतियां सामने वाले को किस हद तक प्रभावित कर सकती हैं?
याद रखें ई-मेल आपकी ब्रांडिंग का आईना होता है। ऐसे में, जरूरी हो जाता है कि आपका हर एक ई-मेल सामने वाले के ऊपर सकारात्मक प्रभाव डाले। यदि आप प्रभावी ई-मेल लिखना चाहते हैं, तो इसे आनन-फानन में न लिखें और ई-मेल लिखने से पहले यह विचार करें कि आपको क्या संदेश देना है।
मार्क ट्वेन की लेखन शैली
मार्क ट्वेन अपनी स्पष्ट, संक्षिप्त और आकर्षक लेखन शैली के लिए जाने जाते थे। उन्होंने विचारों को संक्षेप में व्यक्त करने की सलाह दी। इसी तरह ई-मेल लिखते समय, अपने विचारों को प्रभावशाली तरीके से लिखने का प्रयास करें। छोटा और आसानी से पढ़े जा सकने वाले ई-मेल लिखने के लिए आप छोटे पैराग्राफ, बुलेट पॉइंट या शीर्षक का उपयोग कर सकते हैं।
गुणवत्ता है जरूरी
मुख्य विषय या संदेश को ई-मेल की शुरुआत में रखें। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि भले ही पाठक इसे केवल सरसरी तौर पर ही पढ़े, लेकिन वह मूल मुद्दे को आसानी से समझ जाएगा। मेल को स्पष्ट तरीके से लिखने में कोई समझौता न करें। साथ ही, मात्रा (छोटा-बड़ा) के बजाय गुणवत्ता पर ध्यान दें।
सीसी में हों कम लोग
ई-मेल के सीसी (कार्बन कॉपी) में उन्हीं लोगों को रखें, जिन तक संदेश पहुंचाना हो। हालांकि, काम को दिखाने के लिए आजकल ज्यादा लोगों को सीसी में रखने का चलन बढ़ गया है। आप ऐसा बिल्कुल न करें। इसके अलावा, ई-मेल किस विषय से संबंधित है, उसका उल्लेख सब्जेक्ट के कॉलम में जरूर करें।
अधूरे विचारों का खतरा
यदि आप वन लाइनर और अधूरे संदेश भेज रहे हैं, तो यह आपके ई-मेल में रचनात्मकता की कमी को दर्शाता है। आपके ई-मेल का मुख्य बिंदु स्पष्ट और आसानी से समझ में आने वाला होना चाहिए। यदि आप किसी को व्यक्तिगत रूप से जानते हैं, तो उसका नाम लिखकर ई-मेल की शुरुआत कर सकते हैं।
अंत प्रभावी बनाएं
पाठक आपके मेल में रुचि दिखाएं, इसके लिए जरूरी है कि ई-मेल शुरू से लेकर अंत तक प्रभावी हो। इसे खत्म करते समय नाम से पहले थैंक्यू और रेगार्ड्स जैसे शब्दों का इस्तेमाल करें।