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Scholarship: भारत के आठ और मिडिल ईस्ट के दो छात्रों ने जीती ग्लोबल सिटिजन स्कॉलरशिप, सिंगापुर में करेंगे पढ़ाई

Thu, 10 Jul 2025 05:38 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

18th Global Citizen Scholarship: भारत के आठ और मिडिल ईस्ट के दो मेधावी छात्रों ने प्रतिष्ठित ग्लोबल सिटिजन स्कॉलरशिप हासिल की है। विजेता छात्रों को एक करोड़ की छात्रवृत्ति दी जाएगी।
 
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Scholarship, छात्रवृत्ति - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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Global Citizen Scholarship: भारत के आठ और मिडिल ईस्ट के दो मेधावी छात्रों ने प्रतिष्ठित ग्लोबल सिटिजन स्कॉलरशिप (Global Citizen Scholarship) हासिल की है। इस स्कॉलरशिप की कुल राशि प्रति छात्र एक करोड़ है, जिसकी मदद से ये छात्र सिंगापुर में 11वीं और 12वीं की पढ़ाई कर सकेंगे। यह जानकारी शुक्रवार को अधिकारियों द्वारा दी गई।

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सभी खर्चों को कवर करेगी स्कॉलरशिप

यह स्कॉलरशिप छात्रों के जीआईआईएस स्मार्ट कैंपस, सिंगापुर में वरिष्ठ माध्यमिक शिक्षा के दो वर्षों के लिए 100 प्रतिशत ट्यूशन फीस, हॉस्टल, रहने-खाने और अन्य खर्चों को कवर करती है। इसके साथ ही छात्रों को उदार मासिक वजीफा (स्टाइपेंड) भी प्रदान किया जाता है।

ग्लोबल स्कूल्स ग्रुप के एकेडमिक डायरेक्टर प्रमोद त्रिपाठी ने बताया, "ग्लोबल सिटिजन स्कॉलरशिप केवल आर्थिक सहायता नहीं है, यह सपनों को पंख देने की एक पहल है। हम ऐसे भविष्य के नेताओं में निवेश कर रहे हैं, जो सिर्फ अपने करियर में ही नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। हमें गर्व है कि हम ऐसे युवाओं का समर्थन कर रहे हैं जो वैश्विक सोच रखते हैं और जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हैं।"

दिल्ली में किया गया विजयी छात्रों को सम्मानित

ग्लोबल इंडियन इंटरनेशनल स्कूल (GIIS) ने नई दिल्ली में एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन कर इन प्रतिभाशाली छात्रों को सम्मानित किया। इस अवसर पर 18वीं बार ग्लोबल सिटिजन स्कॉलरशिप (GCS) विजेताओं की घोषणा की गई।

इस वर्ष के चयनित 10 छात्रों में से 8 भारत से और 2 मिडिल ईस्ट से हैं। इन सभी छात्रों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों, नेतृत्व क्षमता और उत्कृष्टता के प्रति समर्पण के लिए चुना गया है।
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2008 में शुरू हुई थी छात्रवृत्ति

यह स्कॉलरशिप वर्ष 2008 में शुरू की गई थी और चयन प्रक्रिया कई चरणों में होती है, जिसमें केवल अकादमिक प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि नेतृत्व क्षमता, सामाजिक सहभागिता, समस्या सुलझाने की योग्यता और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की सोच को भी परखा जाता है।

असम के मोरान टाउन की रहने वाली छात्रा निष्ठा निर्मिता महंता, जिन्होंने इस स्कॉलरशिप को हासिल किया है, ने कहा, "इस अवसर ने मेरी जिंदगी की दिशा ही बदल दी है। यह सिर्फ एक प्रतिष्ठित संस्थान में पढ़ाई भर नहीं है, बल्कि एक ऐसे वैश्विक समुदाय का हिस्सा बनने का मौका है जो हमें बड़े सपने देखने, ऊंचा लक्ष्य तय करने और समाज की सेवा करने के लिए प्रेरित करता है।"
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