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Kerala: रजिस्ट्रार के निलंबन को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज, राज्यपाल पर शिक्षण संस्थानों का भगवाकरण करने का आरोप

Thu, 10 Jul 2025 05:02 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Kerala: गुरुवार को केरल विश्वविद्यालय और राजभवन वामपंथी छात्र और युवा संगठनों ने विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार के निलंबन को लेकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Freepik
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विस्तार
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Kerala: केरल विश्वविद्यालय और राजभवन में गुरुवार को वामपंथी छात्र और युवा संगठनों ने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार के निलंबन को लेकर कुलपति और कुलाधिपति के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया है।

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माकपा की छात्र शाखा, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के कार्यों के विरोध में उनके आवास तक मार्च निकाला और उनपर संघ के प्रभाव में उच्च शिक्षा संस्थानों का भगवाकरण करने का आरोप लगाया।

आंसू गैस इस्तेमाल करने की चेतावनी

एसएफआई कार्यकर्ता राज्यपाल के आवास की ओर जाने वाली सड़क पर लगाए गए बैरिकेड्स पर चढ़ गए और बार-बार पानी की बौछारों के बावजूद हटने से इनकार कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के इस्तेमाल की धमकी दी।

मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों से नीचे उतरने और हटने का आग्रह किया और चेतावनी दी गई कि अगर वे नहीं माने तो उन पर आंसू गैस का इस्तेमाल किया जाएगा। हालांकि, एसएफआई नेताओं ने नरमी नहीं दिखाई और बैरिकेड्स के ऊपर डटे रहे।

वहां से, उन्होंने प्रदर्शनकारियों और मीडिया, दोनों को संबोधित किया और अपना आरोप दोहराया कि संघ परिवार राज्य में उच्च शिक्षा का भगवाकरण करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने जेर देकर कहा कि शिक्षा का "केरल मॉडल" ऐसे प्रयासों का विरोध करेगा।

गिरफ्तारियां भी हुई

इस बीच, भाकपा से संबद्ध अखिल भारतीय छात्र संघ (AISF) ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के पास विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि, भारी संख्या में तैनात पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें हटा दिया।
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डीवाईएफआई ने भी लिया प्रदर्शन में हिस्सा

विश्वविद्यालय के गेट के बाहर, डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) के सदस्य बड़ी संख्या में जमा हो गए। कुछ लोग बैरिकेड्स पर चढ़ गए, उन पर कई बार पानी की बौछारें की गईं और पुलिसकर्मियों से उनकी झड़प हुई। बाद में कई डीवाईएफआई प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स के सामने बैठ गए और कुलपति मोहनन कुन्नुमल और आर्लेकर के खिलाफ नारे लगाने लगे।

उन्होंने कहा कि उनका विरोध रजिस्ट्रार के.एस. अनिल कुमार के निलंबन के विरोध में था, जिन्होंने सीनेट हॉल में राज्यपाल आर्लेकर के एक निजी कार्यक्रम को रद्द करने का नोटिस जारी किया था, जहां भगवा ध्वज पकड़े भारत माता का चित्र प्रदर्शित किया गया था।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे अभी गेट के बाहर प्रदर्शन जारी रखेंगे, लेकिन चेतावनी दी कि अगर कुलपति की ऐसी हरकतें जारी रहीं, तो वे अगली बार बैरिकेड्स तोड़कर उनके कार्यालय के अंदर धरना देंगे। एसएफआई ने इससे पहले मंगलवार को राज्य भर के प्रमुख विश्वविद्यालयों में बड़े पैमाने पर मार्च निकाला था।
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