पिछले दो साल में महिला छात्राओं से आठ शिकायतें दर्ज
ओडिशा सरकार ने हाल ही में विधानसभा को बताया कि पिछले दो वर्षों में महिला छात्राओं से रैगिंग, यौन भेदभाव और उत्पीड़न से संबंधित कुल आठ शिकायतें मिली हैं। यह जानकारी उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने शुक्रवार को दी।
उन्होंने यह भी बताया कि ये शिकायतें छह कॉलेजों और एक विश्वविद्यालय से आई हैं। यह जानकारी उन्होंने बीजद विधायक अरविंद महापात्रा के लिखित प्रश्न के जवाब में साझा की।
उन्होंने बताया कि सरकार को सरकारी स्वायत्त कॉलेज, राउरकेला की छात्राओं से दो शिकायतें मिली हैं, जबकि अन्य शिकायतें एफएम स्वायत्त कॉलेज (बालासोर), जीएम विश्वविद्यालय (संबलपुर), अभिमन्यु सामंत सिंघार डिग्री कॉलेज (जाजपुर), अथमलिक कॉलेज (अंगुल), अंचल कॉलेज (बरगढ़) और डीएवी स्वायत्त कॉलेज, टिटलागढ़ (बोलांगीर) से प्राप्त हुई हैं।
सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर जोर
उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए, उच्च शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी सार्वजनिक कॉलेज और विश्वविद्यालय को निर्देश दिए हैं। इसके तहत छात्रों को 24 घंटे उपलब्ध मुफ्त मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन 'टेली-मानस' (14416) का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
इसके अलावा, जो लोग अपनी मानसिक स्थिति का खुद मूल्यांकन करना चाहते हैं, वे टेली-मानस मोबाइल ऐप का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
मंत्री ने बताया कि विभाग ने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में शिकायतों का निष्पक्ष और पारदर्शी निपटारा सुनिश्चित करने के लिए यूजीसी (छात्रों की शिकायतों का निवारण) विनियम, 2023 को लागू करने के निर्देश भी दिए हैं।"
छात्र शिकायत निवारण के लिए सख्त तंत्र लागू
यूजीसी विनियमन में संस्थागत स्तर पर छात्र शिकायत निवारण समितियों (एसजीआरसी) की स्थापना और विश्वविद्यालय स्तर पर लोकपाल की नियुक्ति का भी प्रावधान किया गया है।
उन्होंने आगे कहा कि इस तंत्र में प्रवेश अनियमितताएं, अपारदर्शी मूल्यांकन, छात्रवृत्ति या प्रमाण पत्र में देरी, भेदभाव, उत्पीड़न और बुनियादी ढांचे की कमी जैसे मुद्दे शामिल हैं।
सूरज ने कहा, "प्रत्येक संस्थान को निर्धारित समय-सीमा के भीतर शिकायतों का समाधान करना होगा। शिकायतकर्ताओं को उत्पीड़न से बचाने के लिए भी प्रावधान किया गया है।"
महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए 'शक्तिश्री' पहल
राज्य सरकार ने "शक्तिश्री" योजना शुरू की है, जिसका उद्देश्य विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण सुनिश्चित करना है। यह एक राज्यव्यापी पहल है।
इस योजना के तहत, हर संस्थान में एक 'शक्तिश्री सशक्तिकरण प्रकोष्ठ' बनाया जाएगा। इसे एक महिला शिक्षक और एक महिला छात्रा मिलकर संचालित करेंगे, और यह विशेष रूप से महिला छात्रों पर केंद्रित होगा।
यह प्रकोष्ठ सुरक्षा, आत्मरक्षा और मानसिक भलाई बढ़ाने पर ध्यान देगा। इससे कॉलेज और विश्वविद्यालय का माहौल सुरक्षित और आरामदायक बनेगा।