भारत दुनिया में सबसे बड़ी और विविध शिक्षा प्रणाली
अधिकारी ने कहा कि भारतीय शिक्षा व्यवस्था दुनिया में सबसे बड़ी और विविध शिक्षा प्रणालियों में से एक है। इसमें गुणवत्ता को बनाए रखने के प्रयास को उच्च शिक्षण संस्थानों के कामकाज का एक अभिन्न अंग बनाने में वैश्विक मान्यता और एक्रिडेशन का बड़ा महत्वपूर्ण योगदान रहता है। एक्रिडेशन सूचित समीक्षा प्रक्रिया के माध्यम से संस्थानों को उनकी यूएसपी, ताकत और कमजोरियों को समझने में सहायक रहता है। अधिकारी ने बताया कि इस प्रकार उच्च शिक्षण संस्थानों द्वारा योजना का निर्माण और संसाधन आवंटन के आंतरिक क्षेत्रों की पहचान की सुविधा प्रदान करता है।
ये हैं समिति के अन्य सदस्य
समिति के अन्य सदस्यों में मृदुल हजारिका, कुलपति, महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव विश्वविद्यालय, असम; भरत भास्कर, प्रोफेसर, आईआईएम, लखनऊ और संयुक्त सचिव, उच्च शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय आदि शामिल हैं। अधिकारी ने कहा कि किसी भी उच्च शिक्षण संस्थान की मान्यता की स्थिति संस्थान में दी जा रही शिक्षा की गुणवत्ता के बारे में छात्रों, नियोक्ताओं और समाज के लिए विश्वसनीय जानकारी के स्रोत के रूप में कार्य करती है। इसलिए इन सभी फैक्टर के संबंध कार्य योजना बनाने के लिए समिति गठित की गई है। यह संस्थानों के मार्गदर्शक के तौर पर काम करेगी।