कथित तौर पर पश्चिम बंगाल में मंगलवार को कथित 10वीं कक्षा के मॉडल प्रश्न पत्र की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी, जिसमें छात्रों को एक नक्शे में "आजाद कश्मीर" चिह्नित करने के लिए कहा गया था। जहां राज्य के मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने इसे जिहादी साजिश" होने का दावा किया था और राज्य में सत्तारूढ़ टीएमसी ने इसे एक गलती करार दिया और सफाई दी कि पार्टी इसका समर्थन नहीं करती है। उधर, पश्चिम बंगाल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन के अध्यक्ष रामानुज गांगुली ने माना था कि स्वायत्त निकाय द्वारा प्रकाशित परीक्षा पत्रों में "गॉफ़-अप" हुआ था, यह कहते हुए कि गलती के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
दरअसल, सवाल में देश के अभिन्न अंग कश्मीर को आजाद कश्मीर कह कर संबोधित किया गया। इसे लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई थी। भाजपा ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर अलगाववादी एजेंडा चलाने का आरोप लगाया है। वहीं, केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ सुभाष सरकार ने इस मामले की त्वरित जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की।
हालांकि, बाद में सामने आया कि कश्मीर पर विवादित प्रश्न पेपर सेट करने वाला यह मामला पश्चिम बंगाल के मालदा जिला अंतर्गत रामकृष्ण मिशन विवेकानंद विद्या मंदिर स्कूल के कक्षा 12वीं के टेस्ट का है। इस संबंध में स्कूल के प्रधानाध्यापक स्वामी तपहरणनंद ने बताया कि हमारे इतिहास विभाग के शिक्षक ने इस प्रश्न पत्र को तैयार किया है। उनका कोई गलत इरादा नहीं है बल्कि इतिहास में इस तरह की बातें कही गई है इसीलिए यह प्रश्न शामिल किया गया है।