केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 1 जनवरी, 2022 को 100-दिवसीय पठन अभियान शुरू किया है। 100-दिवसीय पठन अभियान, यानी पढ़े भारत अभियान, छात्रों को उनकी रचनात्मकता, महत्वपूर्ण सोच और शब्दावली को मौखिक और लिखित रूप में व्यक्त करने की क्षमता सुधारने में मददगार साबित हुआ। अभियान बालवाटिका और कक्षा 8वीं के बीच कक्षाओं में पढ़ने वाले छात्रों पर केंद्रित होगा। 'पढ़े भारत' अभियान की शुरुआत करते हुए, मंत्री ने पढ़ने के महत्व को रेखांकित किया कि बच्चों को निरंतर और आजीवन सीखने को सुनिश्चित करने के लिए विकसित करने की आवश्यकता है।
प्रधान ने ट्वीट किया, "किताबें पढ़ना एक स्वस्थ आदत है और संज्ञानात्मक, भाषा और सामाजिक कौशल विकसित करने का एक शानदार तरीका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नागरिकों से नियमित रूप से किताबें पढ़ने के आह्वान से प्रेरित होकर, मैं जीवन भर किताब पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हूं।"