93 हजार से ज्यादा छात्रों को मिली सीट
दिल्ली यूनिवर्सिटी की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, इस साल 2,18,284 छात्रों ने सीएसएएस के दूसरे चरण का पंजीकरण पूरा किया था। इनमें से 93,033 छात्रों को पहले राउंड में सीट आवंटित की गई है। विश्वविद्यालय के अनुसार, सीट आवंटन का प्रतिशत करीब 86.1 फीसदी रहा है।
| विवरण |
आंकड़ा |
| सफल पंजीकरण कराने वाले उम्मीदवार |
2,18,284 |
| फेज-II पूरा करने वाले उम्मीदवार |
2,08,043 |
| कुल कॉलेज + प्रोग्राम प्राथमिकताएं |
1,59,42,385 |
| कुल सीट आवंटन |
93,033 |
| सीट पाने वाले पुरुष उम्मीदवार |
42,019 |
| सीट पाने वाली महिला उम्मीदवार |
51,014 |
| कुल आवंटन दर |
86.1% |
इसके अलावा विश्वविद्यालय ने विशेष श्रेणियों के छात्रों को भी सीट आवंटित की है। पहले राउंड में 1,243 सिंगल गर्ल चाइल्ड और 242 अनाथ छात्रों को भी सीट मिली है।
अलग-अलग श्रेणियों में कितनी सीटें भरी गईं?
विश्वविद्यालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार विभिन्न आरक्षण श्रेणियों में सीट भरने की दर अलग-अलग रही।
| श्रेणी |
सीट भरने की दर |
| अनारक्षित (UR) |
99.9% |
| ओबीसी (OBC) |
96.0% |
| एससी (SC) |
95.2% |
| ईडब्ल्यूएस (EWS) |
92.7% |
| एसटी (ST) |
67.3% |
| PwBD |
23.0% |
कब तक सीट स्वीकार करनी होगी?
जिन छात्रों को पहली सूची में सीट मिली है, उन्हें 16 जुलाई से 18 जुलाई के बीच अपनी सीट स्वीकार करनी होगी। यदि कोई छात्र तय समय के भीतर सीट स्वीकार नहीं करता है, तो उसका आवंटन रद्द हो सकता है। इसके बाद संबंधित कॉलेज छात्रों के दस्तावेजों की जांच और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करेंगे। यह प्रक्रिया 20 जुलाई तक चलेगी।
कब तक जमा करनी होगी फीस?
कॉलेज की ओर से दस्तावेजों की जांच पूरी होने और मंजूरी मिलने के बाद छात्रों को अपनी सीट पक्की करने के लिए 21 जुलाई तक प्रवेश शुल्क जमा करना होगा। समय सीमा के भीतर फीस जमा नहीं करने पर सीट अगले पात्र उम्मीदवार को दी जा सकती है।
| इवेंट |
तारीख |
| प्रथम सीट आवंटन परिणाम जारी |
16 जुलाई 2026 |
| सीट स्वीकार करने की अवधि |
16 जुलाई से 18 जुलाई 2026 |
| कॉलेजों द्वारा दस्तावेज सत्यापन और अनुमोदन |
16 जुलाई से 20 जुलाई 2026 |
| प्रवेश शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि |
21 जुलाई 2026 |
| उच्च प्राथमिकता वाले विकल्पों के लिए री-ऑर्डर/अपग्रेड का अंतिम दिन |
21 जुलाई 2026, रात 11:59 बजे तक |
छात्रों को क्या करना चाहिए?
जिन छात्रों को पहली सूची में सीट मिली है, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे तय समय के भीतर सीट स्वीकार करें, जरूरी दस्तावेज तैयार रखें और समय पर फीस जमा करें।
अपग्रेड और फ्रीज का क्या मतलब है?
- यदि कोई छात्र अपने आवंटित कॉलेज और कोर्स से संतुष्ट है, तो वह फ्रीज (Freeze) विकल्प चुन सकता है। इससे उसकी सीट पक्की हो जाएगी।
- अगर छात्र अपनी पसंद के किसी बेहतर कॉलेज या कोर्स की उम्मीद कर रहा है, तो वह अपग्रेड (Upgrade) विकल्प चुन सकता है।
इन बड़े कॉलेजों की कट-ऑफ भी जारी
दिल्ली यूनिवर्सिटी ने पहले राउंड के साथ कई प्रमुख कॉलेजों की कट-ऑफ भी जारी कर दी है। इनमें हिंदू कॉलेज, सेंट स्टीफंस कॉलेज, मिरांडा हाउस, लेडी श्रीराम कॉलेज, श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC), किरोड़ीमल कॉलेज समेत कई प्रतिष्ठित संस्थान शामिल हैं।
इस साल दिल्ली यूनिवर्सिटी अपने 67 कॉलेजों में 73 स्नातक पाठ्यक्रमों और 100 से अधिक बीए कॉम्बिनेशन कोर्स में दाखिले दे रही है।