क्या CUET से दाखिला पा चुके छात्रों को फिर मौका मिलेगा?
डीयू रजिस्ट्रार के मुताबिक, ऐसा नहीं है। जो छात्र विश्वविद्यालय की नियमित प्रक्रिया के तहत किसी कॉलेज में दाखिला ले चुके हैं, वे 12वीं के अंकों के आधार पर दोबारा दाखिला नहीं ले सकेंगे।
गुप्ता ने बताया कि सीयूईटी आधारित प्रवेश में छात्रों की पसंद को प्राथमिकता दी जाती है। छात्र उपलब्ध कॉलेजों और पाठ्यक्रमों में अपनी पसंद दर्ज करते हैं और प्रवेश परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर उन्हें मेरिट के अनुसार सीट आवंटित की जाती है।
उन्होंने बताया कि सीयूईटी में छात्रों के सामने करीब 1,500 कॉलेज-पाठ्यक्रम विकल्प होते हैं। छात्रों की पसंद और परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर उन्हें कॉलेज और पाठ्यक्रम मिलता है।
12वीं के अंकों से दाखिला कैसे मिलेगा?
12वीं के अंकों के आधार पर होने वाला दाखिला केवल उन कॉलेजों और पाठ्यक्रमों में होगा, जहां सीटें खाली हैं। इसके लिए संबंधित कॉलेज आवेदन आमंत्रित करेंगे और फिर पात्र छात्रों की मेरिट के आधार पर दाखिला देंगे।
यानी यहां भी केवल आवेदन करना पर्याप्त नहीं होगा। उम्मीदवार को संबंधित पाठ्यक्रम की पात्रता पूरी करनी होगी और उपलब्ध सीटों के अनुसार मेरिट में स्थान बनाना होगा।
इस प्रक्रिया की प्रमुख बातें:
- दाखिला कक्षा 12वीं के अंकों की मेरिट पर होगा।
- केवल खाली सीटों वाले चुनिंदा कॉलेजों और पाठ्यक्रमों में मौका मिलेगा।
- संबंधित कॉलेज आवेदन आमंत्रित करेंगे।
- पात्रता शर्तें पूरी करना जरूरी होगा।
- दाखिला मेरिट और सीटों की उपलब्धता के आधार पर होगा।
- डीयू के किसी कॉलेज में पहले से दाखिला ले चुके छात्र पात्र नहीं होंगे।
डीयू के किन 11 कॉलेजों में 12वीं के अंकों से दाखिला मिलेगा?
डीयू की प्रवेश शाखा ने “Undergraduate Admissions 2026-27 based on Class XII Marks (Not CUET)” शीर्षक से सार्वजनिक नोटिस जारी किया है। इसमें 11 कॉलेजों के नाम दिए गए हैं।
- कालिंदी कॉलेज
- जाकिर हुसैन दिल्ली कॉलेज (ईवनिंग)
- लक्ष्मीबाई कॉलेज
- राजधानी कॉलेज
- श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज फॉर विमेन
- पीजीडीएवी कॉलेज (ईवनिंग)
- श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज ऑफ कॉमर्स
- विवेकानंद कॉलेज
- श्याम लाल कॉलेज
- अदिति महाविद्यालय
- भगिनी निवेदिता कॉलेज
नोटिस के अनुसार, इन कॉलेजों में कुछ पाठ्यक्रमों के लिए कक्षा 12वीं के अंकों की मेरिट के आधार पर दाखिला शुरू किया गया है, बशर्ते उम्मीदवार संबंधित पात्रता मानदंड पूरा करता हो।
डीयू में कितनी सीटें भर चुकी हैं?
डीयू रजिस्ट्रार विकास गुप्ता ने बताया कि विश्वविद्यालय ने अपनी कुल स्नातक क्षमता की लगभग पूरी सीटों पर दाखिले पूरे कर लिए हैं। डीयू में करीब 71,000 सीटें थीं और अब तक लगभग 70,500 दाखिले हो चुके हैं।
उन्होंने बताया कि कुछ कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र समय पर शुरू करने के लिए कभी-कभी निर्धारित क्षमता से अधिक आवंटन भी किया गया है।
इसके अलावा विश्वविद्यालय में सुपरन्यूमेरेरी कोटा भी हैं। इनमें सीडब्ल्यू यानी सशस्त्र बलों से जुड़ा कोटा, ईसीए और खेल कोटा शामिल हैं। इन सभी को ध्यान में रखते हुए डीयू में कुल 70,512 दाखिले हो चुके हैं, जबकि कुल क्षमता करीब 71,439 सीटों की है।
| विवरण |
संख्या |
| कुल क्षमता |
करीब 71,439 |
| अब तक दाखिले |
70,512 |
| खाली सीटों का अंतर |
करीब 927 |
डीयू ने क्यों दी यह नई व्यवस्था?
डीयू के अनुसार, यह व्यवस्था खाली सीटों को भरने के लिए की गई है। विश्वविद्यालय ने अपनी अधिकांश स्नातक सीटों पर दाखिले पूरे कर लिए हैं, लेकिन कुछ कॉलेजों और पाठ्यक्रमों में सीटें खाली रह गई हैं।
इसी वजह से चुनिंदा कॉलेजों को कक्षा 12वीं के अंकों के आधार पर दाखिला देने की अनुमति दी गई है। यह व्यवस्था सभी कॉलेजों और सभी पाठ्यक्रमों के लिए नहीं है।
इच्छुक छात्रों को संबंधित कॉलेज की वेबसाइट पर जाकर उपलब्ध पाठ्यक्रम, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और अन्य शर्तों की जानकारी जांचनी होगी।