दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के ओपन बुक एग्जामिनेशन (ओबीई) के लिए मॉक टेस्ट का दूसरा दिन भी परेशानी भरा रहा। किसी का पेपर डाउनलोड नहीं हुआ तो किसी को दूसरे वर्ष का पेपर मिल गया। वहीं किसी को ओटीपी ही प्राप्त नहीं हुआ, तो किसी को पंजीकरण करने में दिक्कत आई और किसी को गलत पेपर मिल गया। इस तरह से तकनीकी उलझन में दूसरे दिन भी छात्र फंसे रहे। पहले दिन की ही तरह छात्रों ने फोन व मैसेज से अपनी परेशानी अपने शिक्षकों को बताई।
कोरोना के कारण इस बार अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए 10 जुलाई से ओपन बुक एग्जाम आयोजित किया जा रहा है। इसके लिए 4 जुलाई से 8 जुलाई तक मॉक टेस्ट हो रहे हैं। खासकर लॉकडाउन के दौरान अपने घरों को गए छात्रों को मॉक टेस्ट देने में दिक्कतें हो रही हैं। सुबह 7:30 बजे सुबह 11:30 बजे व दोपहर 3:30 बजे की शिफ्ट में छात्र परेशान ही रहे।
कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडी के एक छात्र ने बताया कि वह सुबह 7:30 बजे वाली शिफ्ट में मॉक टेस्ट देना चाह रहे थे, लेकिन कुछ दिक्कत होने पर उन्होंने हेल्पलाइन में दिए गए डीयू के एक कर्मचारी के नंबर पर फोन किया। कहा गया कि रविवार है, उन्हें परेशान न करें।
एक अन्य छात्र उत्कर्ष ने कहा कि बहुत से छात्रों की पीडीएफ डाउनलोड करने में परेशानी आई, दूसरे दिन भी साइट क्रैश होती रही। प्रश्नपत्र डाउनलोड ही नहीं हुआ। अंतिम वर्ष के छात्र गर्वित ने कहा कि काफी छात्र पंजीकरण नहीं कर पाए और न ही लॉगइन हो पाया। दिल्ली स्कूल ऑफ जर्नालिज्म के छात्रों को भी मॉक टेस्ट की परेशानी हुई। छात्रों का कहना है कि डेवलेपमेंट कम्यूनिकेशन का पेपर डाउनलोड ही नहीं हुआ।
छात्र मोहम्मद अली ने कहा कि लगातार दो दिन से हो रही परेशानी के बाद प्रशासन सब कुछ ठीक बता रहा है। वहीं एबीवीपी का कहना है कि विश्वविद्यालय छात्रों के मूल्यांकन की कोई व्यवस्था करे। लेकिन ऐसा करने के दौरान इस बात को प्राथमिकता दी जाए कि दुर्गम क्षेत्र से आने वाले छात्र को समस्या का सामना न करना पड़ेे।