एसओएल को अकादमिक काउंसिल, एग्जिक्यूटिव काउंसिल, डिस्टेंस एजुकेशन बोर्ड र एआईसीटीई से मंजूरी मिल गई तो इन पाठ्यक्रमों के पढ़ने का विकल्प अगले साल छात्रों को मिल सकता है। शुरू होने के चाद एसओएल में पाठ्यक्रमों की संख्या 23 हो जाएगी। एसओएल इन पाठ्याक्रमों से संबंधित आशय का प्रस्तावः शनिवार को होने वाली अकादमिक काउंसिल में रखने जा रहा है। वहां से मंजूरी के बाद इसे डीयू की कार्यकारी परिषद (एग्जिक्यूटिव काउंसिल की बैठक में रखा जाहएगा।
कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग की निदेशक प्रो पायल मालों ने बताया कि हम सूजी स्तर पर चार वर्षीय चीएससी कंप्यूटर साइंस और पीजी (स्नातकोत्तर) स्तर पर तीन नए कोर्स (एमबीए हेल्थ केयर, एमए साइकोलॉजी, व एमए इंग्लिश) को शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। इन्हें शुरू करने के पीछे उद्देश्य पह है कि एक तो इन पाठ्यक्रमों की डिमांड बहुत है और यह सभी जबंब ओरिएंटेड हैं। डीयू में सष्ठकोलॉजी व अंग्रेजी की भी काफी डिमांड है।
डीईबी और एआईसीटीई से लेनी होगी मंजूरी
एसओएल में पाठ्याक्रमों की शुरू करने के लिए डिस्टेंस एजुकेशन बोर्ड (डीईची) से मंजूरी लेनी होती है। इसके साथ ही एआईसीटीई की मंजूरी भी पारुनी है। एक बार पहले इन्हें चर्चा के लिए डीयू की अकादमिक कार्डसिल की बैठक में रखा जा रहा है। काउंसिल से मंजूरी के बाद इन्हें कार्यकारी परिषद में रखा जाएगा। वहां से मंजूरी के बाद इन्हें डीईची और एआईसीटीई के पास भेजा जाएगा। उन्हें उम्मीद है कि हन पाठ्यक्रमों को शुरू करने के लिए उन्हें मंजूरी मिल जाएगी।
एसओएल में 20 हजार से अधिक छात्र हर साल लेते हैं दाखिला
एसओएल में स्नातक स्तर पर वीए पास, बीए पॉलिटिक्ल सांस ऑनर्स, कॉम प्रेग्राम, बीकॉम ऑनर्स, बोए अंग्रेजी ऑनर्स, बीए ऑनर्स इकोनॉमिक्स, बीपीए फाइनेंशियल इनवेस्टमेंट एवंॉलिसिस, चैचर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, बीए कंप्यूटर ऐप्लिकेशन, बीए ऑनर्स साइकोलॉजी, बीए प्रोग्राम साइकोलॉजी, एमए हिंदी, एमए संस्कृत, एमकॉम, एमचीए, बैचलर ऑफ लाइवेरी एंड इंफमिशन साइंस, मास्टर ऑफ लाइबेरी एंड इंफमिशन साइंस में दाखिला लिया जा सकता है। एसओएल में हर साल यूजी स्तर पर एक लाख 20 हजार से अधिक छरत्र दाखिला लेते हैं।