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DUSU Election: पोस्टरबाजी पर लगाम, दीवारों से कम हुए भावी प्रत्याशियों के पोस्टर; प्रशासन की सख्ती का दिखा असर

Fri, 21 Aug 2026 10:36 AM IST
Shahin Praveen रश्मि शर्मा

सार

DU Election 2026: दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव को लेकर कैंपस में पोस्टरबाजी पर प्रशासन की सख्ती का असर दिखने लगा है। अब कैंपस की दीवारों पर भावी प्रत्याशियों के पोस्टर कम नजर आ रहे हैं और ज्यादातर पोस्टर वॉल ऑफ डेमोक्रेसी तक सीमित हैं।
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DU - फोटो : डीयू (फाइल)
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विस्तार
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DUSU Election 2026: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव को लेकर कैंपस में सियासी सरगर्मी बढ़ने लगी है, लेकिन इस बार चुनावी रंगत कुछ बदली-बदली नजर आ रही है। चुनाव से पहले जहां पिछले वर्षों में डीयू परिसर की दीवारों से लेकर आसपास के इलाकों और मेट्रो स्टेशनों तक पोस्टर और होर्डिंग नजर आते थे, वहीं इस बार अब

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तक प्रचार के लिए निर्धारित वॉल ऑफ डेमोक्रेसी तक ही सिमटा  हुआ है।

डीयू प्रशासन ने प्रत्याशियों को प्रचार के लिए केवल निर्धारित स्थानों (वॉल ऑफ डेमोक्रेसी) पर पोस्टर लगाने की अनुमति दी है। इनमें आर्ट फैकल्टी के गेट नंबर-4 के पास, गांधी भवन के पास, पटेल चेस्ट चौक, मौरिस नगर चौक और क्रांति चौक की दीवारें शामिल हैं। इन स्थानों के अलावा पोस्टर लगाए जाने पर कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही होर्डिंग्स लगाने की भी मनाही है। संगठन व प्रत्याशी केवल हस्तलिखित पोस्टर व पर्चों का इस्तेमाल कर सकते हैं। 

सख्ती का असर, प्रत्याशियों में सतर्कता

दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ-साथ दिल्ली पुलिस की सख्ती का असर इस बार अब तक साफ दिखाई दे रहा है। छात्र संगठनों और संभावित प्रत्याशियों में नियमों को लेकर सतर्कता है। माना जा रहा है कि प्रतिबंधित स्थानों पर पोस्टरबाजी करने से कार्रवाई के साथ-साथ चुनावी दावेदारी पर भी असर पड़ सकता है। यही वजह है कि चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद भी कैंपस की ज्यादातर दीवारें साफ नजर आ रही हैं। जहां कोई भी प्रत्यासी  पोस्टर लगा रहा है, वहां से उन पोस्टरों को हटाया जा रहा है।

डीयू प्रॉक्टर प्रो. मनोज कुमार के अनुसार डूसू चुनाव के दौरान लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों का पूरी कड़ाई के साथ पालन करवाया जा रहा है। अब तक दीवारों को गंदा करने डिफेसमेंट (विरूपण) की भी कोई सूचना नहीं मिली है। डीयू की टीम ने पुलिस के साथ मिलकर सामूहिक मुहिम चलाई है जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। मालूम हो कि पिछले वर्ष सार्वजनिक दीवारों को गंदा करने के मामले में कोर्ट ने वर्ष 2024 में न केवल मतगणना पर रोक लगा दी थी बल्कि प्रत्याशियों को भी दीवारें साफ कराने के निर्देश दिए थे।

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