प्रशासन के अनुसार जिन भी छात्रों ने शैक्षणिक सत्र 2024-25 में बारहवीं पास की है लेकिन सीयूईटी देने से चूक गए तो ऐसे छात्र गैप ईयर छात्रों की श्रेणी में आ गए। अब यदि यह इस साल डीयू के किसी स्नातक प्रोग्राम में दाखिला लेना चाहते हैं तो उन्हें दाखिला मिल सकता है। शर्त यह रहेगी कि उन्हें इस साल सीयूईटी यूजी को देना होगा। उनका इससे पहले कभी भी दिया गया सीयूईटी स्कोर मान्य नहीं होगा। छात्रों को यह ध्यान रखना होगा कि डीयू में उन्हें सीट आवंटन के जरिए दाखिला भाषा, डोमेन विशिष्ट विषयों या सामान्य टेस्ट के आधार पर मिलेगा। डीयू प्रशासन ने अपने इंफोंमेशन बुलेटिन में छात्रों को सलाह दी है कि उन्हें स्नातक प्रोग्राम की विशिष्ट आवश्यकताओं को जरूर पढ़ना चाहिए।
सीयूईटी में भाषा में 30 फीसदी अंक लाने की अनिवार्यता नहीं
डीयू ने दाखिला लेने के इच्छुक छात्रों को बड़ी राहत दी है। अब सीयूईटी में भाषा में 30 फीसदी अंक लाने की अनिवार्यता नहीं होगी। डीयू ने विज्ञान विषयों में योग्यता पोसीएम (फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ) या फिर पीसीबी (फिजिक्स, केमिस्ट्री व बॉयोलॉजी) के साथ सीयूईटी में भाषा में 30 फीसदी अंक लाने की बाध्यता को हटा दिया गया है। अब सिर्फ किसी भाषा में बैठना ही जरूरी होगा।