टाई ब्रेकर नियम क्या है?
सीयूईटी यूजी परीक्षा में दो छात्रों के अंक समान होते हैं और सीट सीमित तो टाई ब्रेकर नियम का इस्तेमाल किया जाता है। यदि दो छात्रों के सीयूईटी यूजी स्कोर समान होते हैं और सीटें सीमित होती हैं, तो दाखिले के लिए टाई ब्रेकर नियम लागू किए जाते हैं।
इसके लिए सबसे पहले 12वीं कक्षा के अंकों को देखा जाता है और जिस छात्र के अंक अधिक होते हैं, उसे वरीयता दी जाती है। यदि 12वीं के अंक भी समान होते हैं, तो उम्र के आधार पर निर्णय लिया जाता है, जिसमें अधिक उम्र वाले छात्र को प्राथमिकता दी जाती है। यदि इन दोनों मानदंडों के बाद भी स्थिति समान बनी रहती है, तो अंतिम निर्णय लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाता है।
डीयू के 69 कॉलेजों में 79 यूजी कोर्स में दाखिला
सीयूईटी यूजी 2025 स्कोर के आधार पर दिल्ली यूनिवर्सिटी के 69 कॉलेजों में 79 स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिला दिया जाएगा। इसके अलावा, कुछ कॉलेज सीयूईटी स्कोर के जरिए डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्सेज में भी एडमिशन देंगे।
आवेदन करने से पहले इस बात का रखें ख्याल
डीयू में उपलब्ध 79 कार्यक्रमों की योग्यताएं अलग-अलग हैं। इसलिए, सीयूईटी परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद, जब छात्र कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS) के तहत आवेदन करें, तो यह सुनिश्चित करें कि वे जिस विषय में प्रवेश लेना चाहते हैं, उसके लिए पात्र हैं या नहीं। केवल योग्य छात्रों को ही आवेदन करना चाहिए, ताकि उनका चयन होने की संभावना बनी रहे।
परिणाम के बाद शुरू होगी सीएसएएस की प्रक्रिया
सीयूईटी की आवेदन प्रक्रिया हाल ही में समाप्त हुई है और अब प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। दिल्ली यूनिवर्सिटी ने स्पष्ट किया है कि सीयूईटी परीक्षा परिणाम जारी होते ही सीट आवंटन के लिए CSAS प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस प्रक्रिया के तहत, अभ्यर्थी अपना पंजीकरण कर सकेंगे और अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार कॉलेज और कोर्स का चयन कर सकेंगे।