क्यों रुकी पढ़ाई की शुरुआत?
डीयू के पास इस कॉलेज में कोर्सेज शुरू करने की मंजूरी पहले से है। प्रशासन ने इस शैक्षणिक सत्र से कॉलेज के लिए चार वर्षीय दो स्नातक पाठ्यक्रम बीएससी कंप्यूटर साइंस और बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (बीबीए) शुरू करने की तैयारी की थी, दोनों प्रोग्राम के लिए कुल 60 सीटें तय की गई थी। बताया जा रहा है कि इस कॉलेज की शुरुआत के लिए शिक्षा मंत्रालय और वित्त मंत्रालय से कुछ महत्वपूर्ण मंजूरियां लंबित हैं।
दक्षिणी परिसर निदेशक प्रो. रजनी अब्बी ने कहा कि हमने शिक्षकों के पदों को स्वीकृति के लिए भेज दिया था। अगस्त के अंत तक स्वीकृति के मिलने की उम्मीद थी कि लेकिन अभी पदों की स्वीकृती नहीं मिली है। पद स्वीकृत होने के बाद साक्षात्कार करने होंगे जिसमें समय लगेगा। ऐसे में इस साल तो यहां दाखिले शुरू होने की उम्मीद नहीं है। निदेशक का कहना है कि अगले सत्र से जरूर यहां दाखिले शुरू कर देंगे।
कैसा होगा वीर सावरकर कॉलेज का कैंपस?
डीयू के पश्चिमी परिसर से केवल पांच मिनट की दूरी पर वीर सावरकर कॉलेज तैयार किया गया है। 18,81,656 वर्ग मीटर के क्षेत्रफल में 140 करोड़ रुपये की लागत से इसे तैयार किया जाना है। कॉलेज परिसर में 24 क्लासरूम, आठ ट्यूटोरियल कक्षाएं, 40 संकाय कक्ष, पुस्तकालय, सम्मेलन कक्ष और कैंटीन होगी।
इस कॉलेज की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनवरी में रखी थी। अप्रैल में कुलपति प्रो. योगेश कुमार सिंह ने कहा था कि इस कॉलेज में प्रत्येक पाठ्यक्रम में रोशनपुरा गांव के आवेदकों के लिए दो सीटें आरक्षित होंगी, जिसने कॉलेज के लिए जमीन दान की थी। इसमें एक सीट छात्र व एक सीट छात्रा के लिए होगी।