संविधान को लेकर राष्ट्रपति की भावनाएं
अपने भाषण की शुरुआत में राष्ट्रपति ने कहा, "दो महीने पहले, हमने संविधान को अपनाने के 75 वर्ष पूरे किए और हाल ही में, हमने इस यात्रा के 75 साल का सफर भी पूरा किया। मैं सभी भारतीयों की ओर से बाबासाहेब अंबेडकर और संविधान समिति के सभी सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं।"
Droupadi Murmu Education: द्रौपदी मुर्मू की शैक्षणिक योग्यता और करियर यात्रा
द्रौपदी मुर्मू का जन्म संथाल जनजाति में हुआ था और उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा ओडिशा के उपरबेड़ा गांव के एक छोटे से स्कूल में प्राप्त की। उन्होंने रमा देवी महिला कॉलेज (जो अब एक विश्वविद्यालय है) से स्नातक की डिग्री प्राप्त की।
शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने एक प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका के रूप में कार्य किया। इसके बाद, वह श्री अरबिंदो इंटीग्रल एजुकेशन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, रायरंगपुर में सहायक प्रोफेसर बनीं। इसके अलावा, उन्होंने ओडिशा सरकार के सिंचाई विभाग में जूनियर असिस्टेंट के रूप में भी कार्य किया।
राजनीतिक सफर
1997 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़ने के बाद, वह रायरंगपुर नगरपालिका की सदस्य बनीं। उनकी मेहनत और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए 2015 में उन्हें झारखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया। झारखंड के आदिवासी बहुल क्षेत्र की राज्यपाल बनने वाली वह पहली महिला थीं।