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Dharmendra Pradhan: '21वीं सदी की जरूरतों पर खरे उतरें IIT', 56वीं आईआईटी काउंसिल बैठक में बोले शिक्षा मंत्री

Mon, 25 Aug 2025 04:59 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

56th IIT Council: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 56वीं आईआईटी काउंसिल बैठक में आईआईटी को शोध-केंद्रित और 21वीं सदी की जरूरतों के अनुरूप बनाने पर जोर दिया। उन्होंने गुवाहाटी में नया आईआईएम स्थापित होने को असम के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
 
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Dharmendra Pradhan - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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Dharmendra Pradhan: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 56वीं आईआईटी काउंसिल की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) को और अधिक समावेशी, शोध-केंद्रित और 21वीं सदी की जरूरतों के अनुरूप बनाया जाए।

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बैठक में तय रोडमैप का मकसद है कि वर्ष 2047 तक भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों भारत की वैज्ञानिक और सामाजिक प्रगति का नेतृत्व करें और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "समृद्ध, विकसित और आत्मनिर्भर भारत" के विज़न को साकार करने में योगदान दें।

धर्मेंद्र प्रधान ने एक्स (X) पर लिखा, "56वीं आईआईटी काउंसिल की बैठक की अध्यक्षता कर खुशी हुई। इसमें अकादमिक प्रगति की समीक्षा और आने वाले 25 वर्षों का रोडमैप तय किया गया। खास तौर पर, आईआईटीज़ (IITs) को और अधिक समावेशी, शोध-आधारित और 21वीं सदी की जरूरतों के हिसाब से तैयार करने पर चर्चा हुई। ये प्रतिष्ठित संस्थान वर्ष 2047 तक भारत की वैज्ञानिक, तकनीकी और सामाजिक प्रगति का नेतृत्व करेंगे। यह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा स्वतंत्रता दिवस भाषण में बताए गए रणनीतिक लक्ष्यों के अनुरूप होगा।"

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उच्च शिक्षा प्रणाली का गहना हैं आईआईटी: प्रधान

प्रधान ने आईआईटी संस्थानों को उच्च शिक्षा प्रणाली का गहना बताया। उन्होंने कहा कि समृद्ध, विकसित और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने में आईआईटी संस्थान केंद्रीय भूमिका निभाएंगे।

आईआईएम बिल को बताया ऐतिहासिक उपलब्धि

इससे पहले, 20 अगस्त को धर्मेंद्र प्रधान ने संसद में पारित भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2025 को "ऐतिहासिक उपलब्धि" बताया था। लोकसभा ने 19 अगस्त को गुवाहाटी में भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) की स्थापना के लिए विधेयक पारित किया था।

प्रधान ने इस बारे में एक्स पर लिखा, "असम के लिए यह ऐतिहासिक उपलब्धि है। संसद में भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2025 पारित होने के बाद असम को गुवाहाटी में पहला आईआईएम मिला है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विज़न के तहत, केंद्र सरकार, असम सरकार और उल्फा (ULFA) के बीच हुए त्रिपक्षीय समझौते का यह नतीजा है। आईआईएम गुवाहाटी उच्च शिक्षा में क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करेगा, विश्वस्तरीय प्रबंधन शिक्षा और शोध को बढ़ावा देगा और पूर्वोदय की सोच के अनुरूप ‘अष्टलक्ष्मी’ के विकास में योगदान देगा।"
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असम में गुवाहाटी में नया आईआईएम स्थापित होगा

प्रधान ने विपक्ष के आरोप-प्रत्यारोप के बीच स्पष्ट किया कि यह विधेयक 2017 के भारतीय प्रबंधन संस्थान अधिनियम में संशोधन है। इसके जरिए असम में गुवाहाटी में नया आईआईएम स्थापित होगा, जो पूर्वोत्तर क्षेत्र का अहम केंद्र बनेगा।

यह देश का 22वां और पूर्वोत्तर का दूसरा आईआईएम होगा। इसका स्थायी परिसर पलसबाड़ी में होगा और आईआईएम अहमदाबाद इसे मार्गदर्शन देगा। मेघालय के बाद अब असम को केंद्र सरकार ने दूसरा आईआईएम प्रदान किया है।

एआई से कदम से कदम मिलाकर चलने की तैयारी

एक अधिकारी ने बताया कि आईआईटी परिषद ने एआई को ध्यान में रखते हुए पाठ्यक्रम और शिक्षण पद्धति को अनुकूलित करने की विस्तृत योजना हेतु टास्क फोर्स के गठन को मंजूरी दी है। आईआईटी से परिसरों में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने और छात्रों की वार्षिक स्वास्थ्य जांच कराने को कहा गया है। आईआईटी परिषद ने भारतीय परिसरों में अनुवादात्मक अनुसंधान और उत्पाद विकास को बढ़ावा देने के लिए नीति बनाने का निर्णय लिया।
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