उच्च शिक्षा प्रणाली का गहना हैं आईआईटी: प्रधान
प्रधान ने आईआईटी संस्थानों को उच्च शिक्षा प्रणाली का गहना बताया। उन्होंने कहा कि समृद्ध, विकसित और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने में आईआईटी संस्थान केंद्रीय भूमिका निभाएंगे।
आईआईएम बिल को बताया ऐतिहासिक उपलब्धि
इससे पहले, 20 अगस्त को धर्मेंद्र प्रधान ने संसद में पारित भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2025 को "ऐतिहासिक उपलब्धि" बताया था। लोकसभा ने 19 अगस्त को गुवाहाटी में भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) की स्थापना के लिए विधेयक पारित किया था।
प्रधान ने इस बारे में एक्स पर लिखा, "असम के लिए यह ऐतिहासिक उपलब्धि है। संसद में भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2025 पारित होने के बाद असम को गुवाहाटी में पहला आईआईएम मिला है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विज़न के तहत, केंद्र सरकार, असम सरकार और उल्फा (ULFA) के बीच हुए त्रिपक्षीय समझौते का यह नतीजा है। आईआईएम गुवाहाटी उच्च शिक्षा में क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करेगा, विश्वस्तरीय प्रबंधन शिक्षा और शोध को बढ़ावा देगा और पूर्वोदय की सोच के अनुरूप ‘अष्टलक्ष्मी’ के विकास में योगदान देगा।"
असम में गुवाहाटी में नया आईआईएम स्थापित होगा
प्रधान ने विपक्ष के आरोप-प्रत्यारोप के बीच स्पष्ट किया कि यह विधेयक 2017 के भारतीय प्रबंधन संस्थान अधिनियम में संशोधन है। इसके जरिए असम में गुवाहाटी में नया आईआईएम स्थापित होगा, जो पूर्वोत्तर क्षेत्र का अहम केंद्र बनेगा।
यह देश का 22वां और पूर्वोत्तर का दूसरा आईआईएम होगा। इसका स्थायी परिसर पलसबाड़ी में होगा और आईआईएम अहमदाबाद इसे मार्गदर्शन देगा। मेघालय के बाद अब असम को केंद्र सरकार ने दूसरा आईआईएम प्रदान किया है।
एआई से कदम से कदम मिलाकर चलने की तैयारी
एक अधिकारी ने बताया कि आईआईटी परिषद ने एआई को ध्यान में रखते हुए पाठ्यक्रम और शिक्षण पद्धति को अनुकूलित करने की विस्तृत योजना हेतु टास्क फोर्स के गठन को मंजूरी दी है। आईआईटी से परिसरों में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने और छात्रों की वार्षिक स्वास्थ्य जांच कराने को कहा गया है। आईआईटी परिषद ने भारतीय परिसरों में अनुवादात्मक अनुसंधान और उत्पाद विकास को बढ़ावा देने के लिए नीति बनाने का निर्णय लिया।