दिल्ली विश्वविद्यालय में चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम पूरा करने वाले कई छात्रों को एक वर्षीय स्नातकोत्तर कार्यक्रम में दाखिला नहीं मिल पाया है। इस साल पहले बार शुरू हुए इस कार्यक्रम के लिए 12 हजार छात्र पंजीकरण हुए थे, लेकिन केवल 2200 सीटों पर ही दाखिला मिल सका। छात्रों ने डीयू के दाखिला नियमों पर सवाल उठाते हुए न्यायालय में याचिकाएं दायर की हैं, जहां यह मामला लंबित है।
कई छात्र प्रवेश से वंचित, दाखिला नियमों को लेकर कोर्ट में याचिकाएं लंबित
कई छात्रों का कहना है कि उन्होंने विश्वविद्यालय की तय शैक्षणिक व्यवस्था के तहत चार साल का पाठ्यक्रम पूरा किया था। अब उन्हें दाखिला नहीं मिला। छात्रों का आरोप है कि दाखिले के समय उन्हें चार वर्षीय ऑनर्स छात्रों से अलग श्रेणी में रखा गया। इससे स्नातकोत्तर की अधिकांश सीटें पहली प्राथमिकता वाले छात्रों में चली गईं।
बोले छात्रों से भर गई कई अन्य योग्य छात्रों के लिए सीटें नहीं बचीं। नवंबर 2025 के दिशा-निर्देशों में चार साल की डिग्री पूरी करने वाले छात्र होंगे को मेरिट के आधार पर प्रवेश देने की बात कही गई थी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत डीयू ने 2022 से अंडरग्रेजुएट कार्यक्रम फ्रेमवर्क लागू किया था।
एक वर्षीय पीजी कार्यक्रम में क्या है खास?
दिल्ली विश्वविद्यालय में एक वर्षीय स्नातकोत्तर कार्यक्रम चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम पूरा करने वाले विद्यार्थियों के लिए शुरू किया गया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य स्नातक के बाद आगे की पढ़ाई के लिए एक अलग शैक्षणिक मार्ग उपलब्ध कराना है। रिपोर्ट के अनुसार, विश्वविद्यालय में इस कार्यक्रम के तहत बारह पाठ्यक्रमों में दाखिले की प्रक्रिया शुरू की गई थी। हालांकि, सीमित सीटों और दाखिले से जुड़े सवालों के कारण कुछ विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ऐसे में पात्रता के नियम, सीटों की संख्या और चयन प्रक्रिया को स्पष्ट करना महत्वपूर्ण है, ताकि विद्यार्थियों को दाखिले से जुड़ी सही जानकारी मिल सके।
दाखिले को लेकर आगे क्या होगा?
डीयू में एक वर्षीय स्नातकोत्तर कार्यक्रम के दाखिले को लेकर अब छात्रों की नजर आगे की प्रक्रिया पर है। न्यायालय में याचिका दायर होने के बाद मामले में होने वाली सुनवाई और विश्वविद्यालय के रुख पर ध्यान दिया जा रहा है। छात्रों को उम्मीद है कि उनकी शिकायतों पर विचार किया जाएगा और पात्रता पूरी करने वाले विद्यार्थियों को उचित अवसर मिलेगा। वहीं, दाखिले से जुड़े अंतिम निर्णय के लिए विश्वविद्यालय की आधिकारिक सूचना और न्यायालय के आदेश की प्रतीक्षा करनी होगी। अभ्यर्थियों को सलाह है कि वे दाखिले से संबंधित जानकारी के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट और अधिसूचनाओं पर नजर बनाए रखें।