दिल्ली विवि में दाखिले के लिए जुटी विद्यार्थियों की भीड़
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दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला ईसीए सर्टिफिकेट के आधार पर करने का निर्णय लिया गया है। सोमवार को हुई स्थाई समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया। इस बैठक में शामिल सदस्यों का कहना है कि डीयू में सितंबर अंत तक दाखिले की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। दें कि यह बैठक एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज (ECA) व अन्य मामलों को लेकर की गई थी।
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इससे पहले तक दिल्ली विश्वविद्यालय में 15 सितंबर के बाद दाखिला शुरू होेेने की बात कही जा रही थी। लेकिन अब कहा जा रहा है कि सितंबर अंत तक दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। दिल्ली विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों को एक अगस्त से लेकर 31 अगस्त तक आवेदन फॉर्म में सुधार का विकल्प दिया है जिसके तहत छात्र अपने-अपने फॉर्म में करेक्शन कर पाएंगे। ईसीए के आधार पर दाखिले का विरोध भी हुआ है। स्थाई समिति के सदस्य अरुण अत्री ने इस फैसले को लेकर अपनी असहमति दर्ज कराई है। उनका कहना है कि ईसीए के आधार पर होने वाले दाखिले में प्रमाणपत्र की वैधता की जांच किस तरह से होगी।
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ईसीए दाखिला के लिए 1 मई 2017 से 30 अप्रैल 2020 के बीच का प्रमाणपत्र अनिवार्य है। इसके बाद का प्रमाणपत्र स्वीकार्य नहीं होगा। इससे पहले तक ईसीए सर्टिफिकेट के लिए 25 अंक निश्चित किए गए थे। 75 अंक ट्रायल के लिए निर्धारित किए गए थे और इसके बाद मेरिट के आधार पर दाखिला होता था। लेकिन अब सीधे विद्यार्थियों का दाखिला ईसीए सर्टिफिकेट के आधार पर होगा। ईसीए में आवेदनकर्ता विद्यार्थियों को प्रमाणपत्रों को स्वप्रमाणित करके वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। विद्यार्थी पांच सर्टिफिकेट अपलोड कर सकते हैं। हालांकि, अनिवार्य तीन ही सर्टिफिकेट हैं।नियमानुसार सहभागिता या प्रतियोगिता में पुरस्कार के लिए 44 अंक, प्रशिक्षण व परीक्षा के लिए 28 अंक, कार्यशाला के लिए 16 अंक और प्रदर्शनी की प्रस्तुति के लिए 12 अंक निर्धारित हैं।
इस साल ईसीए दाखिले में ट्रायल भी नहीं होगा। सीधे सर्टिफिकेट से ही विद्यार्थियों का दाखिला होगा। इससे पहले तक वाद विवाद प्रतियोगिता, नृत्य सहित तमाम विधाओं में ट्रायल होता था। ईसीए के आधार पर दाखिला कई वर्गों में होता है जिनमें क्रिएटिव राइटिंग, हिंदी, अंग्रेजी, नृत्य-इंडियन क्लासिक, इंडियन फोक, वेस्टर्न, कोरियोग्राफी आदि शामिल हैं।