आधुनिक सुविधाओं से लैस नया संस्थान
डीयू के कुलपति योगेश सिंह ने शुक्रवार को 92वीं वार्षिक कोर्ट मीटिंग में इस फैसले की जानकारी दी। यह नया कॉलेज डीयू के वेस्ट कैंपस से मात्र पांच मिनट की दूरी पर स्थित है और इसे 140 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है। कॉलेज का निर्माण क्षेत्रफल 18,816.56 वर्ग मीटर है, जिसमें अत्याधुनिक सुविधाएं शामिल हैं:
- 24 क्लासरूम और 8 ट्यूटोरियल रूम
- 40 फैकल्टी रूम और विभागीय पुस्तकालय
- कॉन्फ्रेंस रूम और कैंटीन
शिक्षा निदेशालय के अनुसार, दिल्ली में उच्च शिक्षा की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए यह कॉलेज खोला गया है।
नए परिसर भी किए जा रहे हैं विकसित
वीर सावरकर कॉलेज के अलावा, डीयू दो नए परिसर विकसित कर रहा है:
- पूर्वी परिसर – सूरजमल विहार में
- पश्चिमी परिसर – द्वारका सेक्टर 22 में
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 जनवरी 2025 को इन परिसरों की आधारशिला रखेंगे। इन विस्तार योजनाओं का उद्देश्य मौजूदा कॉलेजों पर बोझ कम करना और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
डीयू में बढ़ी दाखिले की संख्या
शैक्षणिक सत्र 2024-25 में, डीयू को 69 कॉलेजों में 79 स्नातक कार्यक्रमों के लिए 2,46,194 आवेदन प्राप्त हुए।
- दाखिले के लिए 1.72 करोड़ से अधिक पाठ्यक्रम प्राथमिकताएं दर्ज की गईं।
- 70,422 छात्रों को सफलतापूर्वक प्रवेश दिया गया।
नए शैक्षणिक कार्यक्रम
डीयू इस साल कई नए पाठ्यक्रम भी शुरू कर रहा है, जिनमें शामिल हैं:
- एमटेक (कंप्यूटर साइंस)
- बीए (ऑनर्स) रूसी भाषा में
- डीएम (जेरिएट्रिक मेंटल हेल्थ और पल्मोनरी मेडिसिन)
- एमएससी (साइकेट्री - मानसिक स्वास्थ्य)
कौशल आधारित शिक्षा की बढ़ती लोकप्रियता
डीयू में कौशल संवर्द्धन पाठ्यक्रम (SEC) और मूल्य-वर्धित पाठ्यक्रमों की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। सबसे अधिक पसंद किए गए पाठ्यक्रम:
| कौशल संवर्द्धन पाठ्यक्रम (SEC) |
छात्र संख्या |
| व्यक्तित्व विकास और संचार |
38,642 |
| राजनीतिक नेतृत्व और संचार |
36,193 |
| डिजिटल मार्केटिंग |
35,370 |
| रोजमर्रा की जिंदगी में संचार |
31,185 |
मूल्य-वर्धित पाठ्यक्रमों में सबसे लोकप्रिय विषय
| पाठ्यक्रम |
छात्र संख्या |
| डिजिटल सशक्तिकरण |
69,457 |
| वित्तीय साक्षरता |
54,401 |
| संवैधानिक मूल्य और खुश रहने की कला |
37,244 |
डीयू में बढ़ रही संकाय नियुक्तियां और बुनियादी ढांचा
डीयू ने पिछले 3.5 वर्षों में 4,784 नए शिक्षक नियुक्त किए और 7,423 संकाय सदस्यों को पदोन्नत किया। विश्वविद्यालय 1,838.41 करोड़ रुपये की लागत से बुनियादी ढांचा विकसित कर रहा है, जिसमें नए शैक्षणिक भवन, शोध सुविधाएं और छात्र सुविधाएं शामिल हैं।