फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली हाईकोर्ट: सातवें वेतन आयोग के अनुसार सैलरी पाने के लिए अदालत में खुद अपना पक्ष रखें शिक्षक

Thu, 21 Nov 2019 08:00 PM IST
Mohit Mudgal एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
delhi high court - फोटो : PTI
विज्ञापन

दिल्ली सरकार ने हाई कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है कि राजधानी में 50 फीसदी से ज्यादा निजी स्कूल अपने शिक्षकों को सातवें वेतन आयोग की अनुशंसा के अनुसार वेतन नहीं दे रहे हैं। इस पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की पीठ ने कहा कि शिक्षक पढ़े लिखे हैं और अपनी मांगों को लेकर अदालत में याचिका दाखिल कर सकते हैं।

विज्ञापन


इस मामले में शिक्षा विभाग ने इन सभी सकूलों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। शिक्षा विभाग का कहना है कि जो स्कूल सांतवे वेतन आयोग के हिसाब से सैलरी नहीं देंगे उन स्कूलों की मान्यता भी रद्द की जा सकती है। नोटिस के जवाब में ज्यादातर स्कूलों ने दावा किया है कि उनकी फीस इतनी ज्यादा नहीं है कि वे अपने शिक्षकों को वेतन बढ़ाकर दें पाएं। 

ये भी पढ़ें : अगर आपका मन भी पढ़ाई में नहीं लगता, तो फॉलो करें ये टिप्स
विज्ञापन


एफेडेविट में प्राइवेट स्कूलों की एक्शन कमिटी ने कहा कि उन्हें सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए स्कूल की फीस में 25 फीसदी की बढ़ोतरी करनी होगी। बिना फीस बढ़ाएं टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ को 7वें वेतन आयोग क अनुसार सैलरी देना पाना मुश्किल होगा। स्कूलों ने कहा कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को  लागू करने के लिए राज्य सरकार से भी कई बार की फीस में बढ़ोतरी को लेकर अनुमति मांगी गई है, लेकिन उन्हें इजाजत नहीं दी।
विज्ञापन


जिन स्कूलों को नोटिस जारी किए गए है उनका जवाब आने के बाद उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि सरकार ने हलफनामा उस याचिका के जवाब में दाखिल किया था, जिसमें कोर्ट से स्कूलों को संशोधित वेतन देने का निर्देश देने के लिए कहा गया था। याचिका में कहा गया था कि सरकारी और निजी स्कूलों के टीचरों के वेतन में भेदभाव किया जा रहा है। 

ये भी पढ़ें : देश के टॉप 10 केंद्रीय विवि में कितनी है हॉस्टल फीस, JNU से ज्यादा या कम

शिक्षा की अन्य खबरों से अपडेट रहने के लिए यहां क्लिक करें...
सरकारी नौकरियों की अन्य खबरों से अपडेट रहने के लिए यहां क्लिक करें..

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें