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Delhi: निजी स्कूलों की फीस समीक्षा को लेकर दिल्ली सरकार सख्त, जिला शुल्क समितियों में छह सीए की होगी नियुक्ति

Sat, 03 Jan 2026 11:36 AM IST
शाहीन परवीन एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Delhi Private School: दिल्ली सरकार ने निजी स्कूलों की फीस से जुड़े मामलों पर सख्ती दिखाते हुए बड़ा कदम उठाया है। स्कूल शुल्क की समीक्षा और विवादों के समाधान के लिए जिला शुल्क अपील समितियों में चार्टर्ड अकाउंटेंट की नियुक्ति की जाएगी।
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(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : एएनआई
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Delhi School: दिल्ली सरकार राष्ट्रीय राजधानी में स्थित निजी, गैर-सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त स्कूलों की स्कूल फीस से जुड़े मामलों की समीक्षा और समाधान के लिए जिला शुल्क अपील समितियों तथा पुनरीक्षण समिति में छह चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) नियुक्त करेगी। इस संबंध में सरकार की ओर से एक आधिकारिक बयान जारी कर जानकारी दी गई है।

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इस नियुक्ति के लिए 86.40 लाख रुपये की अनुमानित परियोजना लागत पर निविदा जारी की गई है। चयनित चार्टर्ड अकाउंटेंट को दिल्ली स्कूल शिक्षा (शुल्क निर्धारण और विनियमन में पारदर्शिता) अधिनियम, 2025 के प्रावधानों के तहत 15 जिलों में तैनात किया जाएगा, जो 14 अगस्त, 2025 की अधिसूचना के बाद लागू हुआ। 

स्कूल शुल्क अपील और चार्टर्ड अकाउंटेंट की अनिवार्यता

अधिनियम के तहत, प्रत्येक स्कूल में एक स्कूल स्तरीय शुल्क विनियमन समिति होती है, जिसे प्रबंधन द्वारा प्रस्तावित शुल्क को मंजूरी देने का अधिकार होता है। असंतुष्ट अभिभावकों का समूह 30 दिनों के भीतर जिला शुल्क अपील समिति के समक्ष निर्णय के विरुद्ध अपील कर सकता है। कानून के अनुसार, प्रत्येक जिला अपील समिति और पुनरीक्षण समिति में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट का सदस्य होना अनिवार्य है।

बयान में कहा गया है कि दिल्ली के 15 जिलों में लगभग 1,794 निजी गैर-सरकारी मान्यता प्राप्त स्कूल हैं, जिनके वित्तीय दस्तावेजों की जांच अपील और पुनरीक्षण चरणों में आवश्यक है। इस आवश्यकता को पूरा करने के लिए, कम से कम छह पेशेवर चार्टर्ड अकाउंटेंट तैनात किए जाएंगे, जिनमें से एक पुनरीक्षण समिति के लिए और पांच अन्य तीन जिला शुल्क अपील समितियों का कार्यभार संभालेंगे।
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चार्टर्ड अकाउंटेंट की जिम्मेदारियां और नियुक्ति की अवधि

बयान में कहा गया है कि चार्टर्ड अकाउंटेंट स्कूलों के लेखापरीक्षित खातों और वित्तीय अभिलेखों की स्वतंत्र रूप से जांच करेंगे, अधिनियम के तहत शुल्क निर्धारण के मानदंडों के अनुपालन को सत्यापित करेंगे, समिति की चर्चाओं के दौरान विशेषज्ञ वित्तीय राय प्रदान करेंगे, समिति के आदेशों में वित्तीय तर्क तैयार करने में सहायता करेंगे और निष्पक्षता बनाए रखेंगे, हितों के टकराव के मामलों में स्वयं को अलग रखेंगे।

इस अधिनियम के तहत शिक्षा निदेशक को विद्यालय स्तर, जिला अपीलीय या पुनरीक्षण समितियों के रिकॉर्ड मंगवाने का अधिकार दिया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कार्यवाही कानून के अनुरूप हो, और उचित समिति को निर्देश जारी करने या मामलों को संदर्भित करने का भी अधिकार है। बयान में कहा गया है कि चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा प्रस्तुत रिपोर्टों से उत्पन्न होने वाले किसी भी कानूनी मुद्दे को भी उन्हें ही संभालना होगा, जिसमें अदालतों के लिए जवाब तैयार करना भी शामिल है, और इसके लिए उन्हें कोई अतिरिक्त पारिश्रमिक नहीं दिया जाएगा।

यह नियुक्ति दो वर्ष की अवधि के लिए होगी। चयनित चार्टर्ड अकाउंटेंट को प्रत्येक अपील का निपटारा उसकी प्राप्ति के 30 दिनों के भीतर करना होगा। यह सेवाएं जिला उप शिक्षा निदेशकों के कार्यालयों, शिक्षा निदेशालय के मुख्यालय या प्रभारी अधिकारी द्वारा निर्देशित किसी अन्य स्थान पर प्रदान की जाएंगी।
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