अब आर्थिक दिक्कतों के कारण विदेश में पढ़ाई करने का सपना अधूरा नहीं रहेगा। सरकार आपकी मदद करेगी। दिल्ली कैबिनेट ने इससे संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अनुसूचित जाति के बच्चों के लिए समाज कल्याण विभाग ने इस योजना का प्रस्ताव रखा था।
हर साल 100 बच्चों को इस योजना के तहत स्कॉलरशिप दिए जाने का प्रावधान किया गया है। विदेश में इन बच्चों की पढ़ाई का खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी। हालांकि एक परिवार से एक बच्चे को ही इस योजना का लाभ मिल सकेगा।
समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने बताया कि कई बार आर्थिक तंगी से प्रतिभाशाली बच्चे विदेश में पढ़ाई नहीं कर पाते, जबकि कई पाठ्यक्रमों में उन्हें दाखिला मिला होता है। दिल्ली सरकार ने उनकी मदद का फैसला लिया है। सरकार उन्हें 5 लाख रुपये से लेकर 20 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद देगी।
योजना का फायदा लेने के लिए ये हैं शर्तें