एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में पिछले दस सालों में करीब 1.58 लाख लोग इस वायरस के संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं।
आंकड़ों का विश्लेषण बताता है कि H1N1 वायरस से संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र में पाए गए। करीब दस सालों में महाराष्ट्र में इस वायरस से संक्रमण के 33,284 मामले सामने आए। जबकि इनमें से 3,637 की मौत हो गई।
हालांकि महाराष्ट्र के सर्विलांस ऑफिसर डॉ. प्रदीप अवाटे का कहना है कि राज्य में इन मामलों पर निगरानी की प्रणाली और इन बीमारियों का पता लगाने की क्षमता मजबूत है, इसलिए यहां सबसे ज्यादा केस रिपोर्ट हुए। हो सकता है अन्य राज्यों में सर्विलांस सिस्टम अच्छा न रहा हो।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) पुणे और अन्य निजी प्रयोगशालाओं में चल रही टेस्टिंग, ऑडिट और सैंपल्स की जांच के जरिए महाराष्ट्र में स्वास्थ्य अधिकारियों को शुरुआती चरणों में H1N1 संक्रमण के केसेज का पता लगाने में मदद मिली।
भारत में किस साल कितने मामले रिपोर्ट हुए
साल मामले
2009 - 27,236
2010 - 20,604
2015 - 42,592
2017 - 38,811
स्त्रोतः नेशनल सेंटर ऑफ डिजीज कंट्रोल / नेशनल मेडिकल जर्नल ऑफ इंडिया
2017 में किस राज्य में कितने मामले, कितनी मौतें
राज्य मामले मौतें
महाराष्ट्र 6,144 778
गुजरात 7,709 431
मध्यप्रदेश 802 146
राजस्थान 3619 279
स्त्रोतः इंटीग्रेटेज डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम
किस मौसम में फैसला है H1N1 इंफ्लूएंजा
ऐसे क्षेत्र जहां मौसम बदलता रहता है, वहां ये इंफ्लूएंजा वायरस सबसे ज्यादा सर्दियों के मौसम में फैलता है। जबकि ट्रॉपिकल और सब-ट्रॉपिकल क्षेत्रों में इसके संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा मौनसून के समय बढ़ जाता है। हालांकि कुछ ऐसे ट्रॉपिकल क्षेत्र भी हैं जहां इस वायरस के संक्रमण का खतरा पूरे साल एक समान बना रहता है।
NIV पुणे के वैज्ञानिकों ने पिछले दस सालों में 65 हजार से ज्यादा मरीजों से लिए गए सैंपल की जांच की है। इन वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर जांच रोक दी जाए, तो आपको कोई बीमारी नहीं दिखेगी। लेकिन ये वायरस तब भी फैल रहे होते हैं। तेजी से बढ़ रही जनसंख्या और भीड़ के बीच ऐसे संक्रमण का खतरा भी ज्यादा हो जाता है।
देश के कुछ हिस्सों में आपको कम जनसंख्या मिल जाएगी। लेकिन अगर जांच की जाए तो वहां भी वायरस संक्रमण के मामले जरूर मिल जाएंगे।
2019 में कहां मिले सबसे ज्यादा मामले
- राजस्थान और गुजरात जैसे राज्यों में जैसे जैसे सैंपल्स की जांच बढ़ती गई, संक्रमण के मामले भी सामने आते गए।
- राजस्थान के नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल (2019) प्रदेश में सबसे ज्यादा 5,040 मामले रिपोर्ट हुए। इनमें से 206 की मौत हो गई।
- साल 2010 से अगस्त 2019 तक की बात करें, तो राजस्थान में इस संक्रमण से 21,107 मामले मिले और 1,638 मौतें हुईं। जबकि गुजरात में 25,219 संक्रमण के मामले सामने आए और इनमें से 1,897 की मौत हो गई।
- वहीं, इस साल गुजरात में 4,819 मामले मिले। इनमें से 149 की मौत हुई।
- महाराष्ट्र का नंबर इसके बाद आता है। यहां 2019 में अब तक 2,135 मामले मिले, जबकि 202 मौतें हुईं।
कैसी है भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों की स्थिति
नेशनल मेडिकल जर्नल ऑफ इंडिया (NCDC) के रिसर्चर्स ने एक स्टडी की है जिसका नाम है 'भारत में इंफ्लूएंजा ए (H1N1) - महामारी का बदलता विज्ञान और इसके प्रभाव'। इस शोध में कहा गया है कि भारत, खास कर उत्तर-पूर्वी राज्यों के लिए 2017 बेहद अलग था।
शुरुआत से जहां H1N1 इंफ्लूएंजा के मामले ज्यादातर भारत के पश्चिमी राज्यों से सामने आ रहे थे, वहीं अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा में ऐसा एक भी मामला नहीं था। लेकिन 2017 में इन क्षेत्रों में 44 मामलों की सूचना मिली।
वहीं अगर इस साल की बात की जाए, तो त्रिपुरा में 31, सिक्किम में 8, मेघालय और मणिपुर में दो-दो मामले सामने आए हैं।