दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग ने बुधवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से दसवीं कक्षा की परीक्षा के रिजल्ट की तय समय सीमा की समीक्षा का अनुरोध किया है। बता दें कि सीबीएसई दसवीं कक्षा का रिजल्ट 20 जून को घोषित करेगी। बोर्ड ने दसवीं के रिजल्ट को घोषित करने के लिए नई स्कीम तैयार की है। इस नई स्कीम के तहत ही इस साल दसवीं के छात्रों को पास किया जाएगा। कोरोना वायरस की वजह से इस साल दसवीं कक्षा के छात्रों को इंटरनल असेसमेंट के जरिए पास किया जाएगा। बोर्ड ने सभी स्कूलों को 5 जून तक परिणाम पत्र प्रस्तुत करने के लिए कहा है।
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कई सरकारी स्कूल शिक्षक कोरोना वायरस ड्यूटी में लगे हुए थे और कई खुद कोरोना पॉजिटिव हैं। ऐसे में कई सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपल ने दसवीं परीक्षा के परिणाम जारी करने के लिए दी गई टाइमलाइन को लेकर चिंता जताई थी। शिक्षकों का कहना था कि ऐसी स्थिति में स्कूलों को 5 जून तक रिजल्ट शीट जमा करने में दिक्कत हो सकती है। मीडिया रिपोट्स को लेकर अतिरिक्त निदेशक , शिक्षा (परीक्षा) रीता शर्मा ने इसे लेकर सीबीएसई को खत लिखा है। उन्होंने अपने खत में दसवीं के रिजल्ट की समय सीमा की समीक्षा का अनुरोध किया है। सरकारी स्कूलों की अथॉरिटीज का कहना है कि रिजल्ट कमेटी के लिए 5 जून तक पांच टिचरों और दो बाहरी परीक्षकों को विद्यार्थियों के इंटरनल असिसमेंट के लिए सलेक्ट करना असंभव है। शिक्षा विभाग ने अपने खत में कहा कि दिल्ली सरकार के स्कूलों के शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारी इस वक्त डेटा एंट्री ऑपरेटर और आईटी सहायकों सहित विभिन्न कोविड कर्तव्यों में जिला प्रशासन की सहायता कर रहे हैं। इनमें डोर-टू-डोर सर्वेक्षण, संपर्क ट्रेसिंग और परीक्षण में सहायता, कोरोना प्रोटोकॉल लागू करना, हवाई अड्डे पर स्क्रीनिंग और टीकाकरण से संबंधित गतिविधियां शामिल हैं।
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क्या है सीबीएसई की नई मार्किंग स्कीम
नई मार्किंग स्कीम में कुल 100 नंबरों को 20 नंबर और 80 नंबर में बांटा गया है। स्कूलों द्वारा बोर्ड परीक्षाओं के लिए किए गए इंटरनल मार्किंग के आधार पर 20 नंबर दिए जाएंगे। बाकी 80 नंबर छात्रों को स्कूलों द्वारा आयोजित परीक्षाओं में उनके प्रदर्शन के आधार पर दिए जाएंगे। 80 नंबरों में से 10 नंबर पीरियोडिक/यूनिट टेस्ट और 30 नंबर अर्धवार्षिक और 40 नंबर प्री-बोर्ड के आधार पर मिलेंगे। यह नई मार्किंग पॉलिसी छात्रों द्वारा चुने गए 5 मुख्य विषयों के स्कोर की गणना के लिए है। अगर किसी छात्र ने छह या उससे ज्यादा विषयों के लिए पंजीकरण किया है तो उसके छठवें विषय के लिए स्कोर की गणना अधिकतम प्राप्त नंबरों में से सबसे ज्यादा 3 नंबरों के औसत नंबरों के आधार पर किया जाएगा।