दुनिया की 10 सबसे कठिन परीक्षाएं
'The World Ranking' ने अक्तूबर में दुनिया की सबसे कठिन 10 परीक्षाओं की लिस्ट जारी की थी। इस लिस्ट में इंजीनियरिंग कोर्स में एडमिशन के लिए जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम (IIT JEE) दूसरे और संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा तीसरे नंबर है। आनंद महिंद्रा ने जब यह रैंकिंग अपने एक्स अकाउंट पर शेयर की तो लोगों में आईआईटी जेईई और यूपीएससी को लेकर बहस शुरू हो गई कि कौन सी परीक्षा ज्यादा कठिन है।
आनंद मंहिद्रा ने दी रैंकिंग बदलने की सलाह
दरअसल, इस पूरे मामले के तार IPS ऑफिसर मनोज शर्मा की संघर्ष की कहानी से प्रेरित फिल्म '12th Fail' से जुड़े हैं। फिल्म ने काफी लोग प्रभावित किया, जिसमें अब आनंद महिंद्रा का नाम भी जुड़ चुका है। आनंद महिंद्रा ने '12th Fail' फिल्म देखने के बाद ही 'Top Toughest Exams in the World' की रैंकिंग शेयर की और अपना अनुभव साझा किया।
उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, '12th Fail देखने के बाद मैंने आसपास चेक किया और हमारी प्रवेश परीक्षाओं की कठिनाई के बारे में कई युवाओं से बात की। उनमें से एक आईआईटी से ग्रेजुएट था जो एक बिजनेस स्टार्टअप से जुड़ा है, लेकिन उसने यूपीएससी परीक्षा भी दी है।" आनंद महिंद्रा ने जोर देकर कहा कि आईआईटी जेईई से कहीं अधिक कठिन UPSC है। उन्होने आगे कहा, "मुझे आश्चर्य है कि अगर यह एक आम धारणा है, तो इस स्थिति में इस रैंकिंग को बदलने की जरूरत है!"
यूजर्स का रिएक्शन
आनंद महिंद्रा के इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर IPS और पूर्व IAS सहित कई यूजर्स के अलग-अलग रिएक्शन आ रहे हैं।
रेलवे में सिविल सर्वेट (IRTS) रहमान शेख ने लिखा, 'परीक्षा अपने आप में कठिन नहीं है, लेकिन इसमें 3 चरण होते हैं और हर ग्रेजुएट इसे दे सकता है। इससे प्रतियोगिता बहुत कठिन हो जाती है। एक छोटी सी गलती और आप दौड़ से बाहर हो जाएंगे, लेकिन अगर प्रश्न पत्र के कठिनाई स्तर की तुलना करें, तो निश्चित रूप से जेईई अधिक कठिन है।"
आईपीएस ऑफिसर का रिएक्शन
साल 2018 बैच के IPS ऑफिसर अर्चित चांडक ने आनंद महिंद्र के ट्वीट के रिप्लाई में यूपीएससी एग्जाम को जेईई से ज्यादा टफ बताया। उन्होंने इसकी पांच वजहें भी गिनवाईं।
उन्होंने ट्वीट में लिखा, "सर, दोनों देने के बाद, कह सकता हूं कि यूपीएससी सीएसई को पास करना 'अधिक' कठिन है।
1. बहुत कम सीटें (यूपीएससी सीएसई के उलट, 1000 से ऊपर रैंक आपको आसानी से आईआईटी में सीट दिला देती है)
2. एग्जाम का अनप्रिडिक्टेबल नेचर (क्वेच्न फॉर्मेट, पैटर्न आदि नियमित रूप से बदलते रहते हैं)
3. परीक्षा की विषयपरकता (जेईई लॉजिकल रिजनिंग पर ज्यादा आधारित है और परीक्षा काफी हद तक ऑब्जेक्टिव टाइप होती है, जबकि यूपीएससी एग्जाम के सवाल विचारोत्तेजक होते हैं और इसमें आपके खुद के विश्लेषण की भी आवश्यकता होती है)
4. सिर्फ सेल्फ स्टडी ही आपको सफल बना सकती है (आप जेईई में एक अच्छी कोचिंग ले सकते हैं, वे आपको बहुत अच्छी तरह से गाइड कर सकते हैं, जैसा वे कहते हैं वैसा ही करें। यूपीएससी खुद प्रेरित होना पड़ता है और खुद के लिए नोट्स बनाने पड़ते हैं)
5. बहुत बड़ा सिलेबस और करंट इवेंट को समझना (जेईई का सिलेबस पीसीएम (फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स) और स्थिर होता है)