CUET UG नॉर्मलाइजेशन मार्क्स पर आधारित होंगी रैंक
केंद्रीय विश्वविद्यालयों (CU) और अन्य विश्वविद्यालयों में स्नातक स्तरीय दाखिलों के लिए पहली बार आयोजित की गई सीयूईटी यूजी परीक्षा के परिणाम के माध्यम से उम्मीदवारों के एडमिशन के लिए रैंक सूची तैयार की जाएगी। एनटीए सीयूईटी रैंक तैयार करने के लिए सीयूईटी यूजी स्कोर कार्ड में दिए गए सामान्यीकृत अंकों का उपयोग किया जाएगा। ऐसे में उम्मीदवारों को यह जान लेना चाहिए कि सामान्यीकृत अंक यानी मार्क्स का नॉर्मलाइजेशन क्या होता है?
CUET UG Result: क्या होता है नॉर्मलाइजेशन?
CUET UG प्रवेश परीक्षा अलग-अलग दिनों और कई सत्रों में आयोजित की गई थी। कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट अंडर ग्रेजुएट की रैंक सूची तैयार करते समय अंकों में भिन्नता को समाप्त करने के लिए, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से सामान्यीकरण यानी नॉर्मलाइजेशन किया जाता है। इसके लिए भारतीय सांख्यिकी संस्थान, नई दिल्ली के सीनियर प्रोफेसर के नेतृत्व में आईआईटी दिल्ली और दिल्ली यूनिवर्सिटी के सीनियर प्रोफेसर की समिति ने इक्विपर्सेंटाइल पद्धति (Equipercentile method) का उपयोग करने का निर्णय किया है।
CUET UG Result: इक्विपर्सेंटाइल क्या है?
CUET UG 2022 के अंकों के सामान्यीकरण के लिए इस्तेमाल की जाने वाली इक्विपर्सेंटाइल विधि में प्रत्येक उम्मीदवार के लिए पर्सेंटाइल शामिल होगा, जिसके रॉ मार्क्स (प्राप्तांक/ कुल अंक) की गणना उसी सत्र में दूसरे उम्मीदवार के रॉ मार्क्स का उपयोग करके की जाती है। एनटीए एक ही विषय के लिए अलग-अलग दिन के प्रत्येक सत्र के लिए इस पद्धति को अपनाएगा। फिर इन पर्सेंटाइल को समान किया जाता है और सामान्यीकृत अंकों में परिवर्तित किया जाता है। कम संख्या में उम्मीदवारों वाले सत्रों के लिए, इन्हें बड़ी संख्या वाले सत्रों के साथ जोड़ा जाता है।