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CUET UG 2025: सीयूईटी के लिए आवेदन करते समय विषयों की सही मैपिंग जरूरी; एक गलती से नहीं मिलेगा दाखिला

Tue, 25 Mar 2025 08:41 AM IST
शिवम गर्ग अमर उजाला ब्यूरो

सार

CUET UG 2025: अगर किसी विद्यार्थी ने सीयूईटी के लिए सही विषयों का चयन करते समय आईपीयू में पढ़ाए जाने वाले विषयों को नहीं देखा होगा, तो उन्हें दाखिला नहीं मिल सकेगा।
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(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : freepik
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विस्तार
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CUET UG 2025: गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (आईपीयू) में कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेस टेस्ट (सीयूईटी) से दाखिला लेने के लिए विषयों की सही मैपिंग किया जाना जरूरी है। यदि किसी विद्यार्थी ने सीयूईटी के लिए सही विषयों का चयन करते समय आईपीयू में पढ़ाए जाने वाले विषयों को नहीं देखा होगा, तो उन्हें दाखिला नहीं मिल सकेगा।

क्या है सीयूईटी विषयों की मैपिंग?

आईपीयू की ओर से सीयूईटी से दाखिला लेने के लिए विषयों का सही से चयन करने की सलाह दी गई थी, बावजूद कुछ विद्यार्थियों ने विषयों की मैपिंग करने में गलती  की है। मालूम हो कि आईपीयू में राष्ट्रीय स्तर के टेस्ट और कॉमन एंट्रेस टेस्ट (सीईटी) से दाखिले हो जाने के बाद 20 विषयों में सीयूईटी के माध्यम से दाखिले दिए जाते हैं। सीयूईटी की योग्यता निर्धारित करने के लिए डोमेन विशिष्ट विषय, वैकल्पिक भाषा और सामान्य परीक्षा को देखा जाता है।

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इसके लिए आईपीयू की ओर से अंतिम तिथि से पहले किस विषय में किस आधार पर दाखिला मिलेगा और कौनसा विषय लेने के लिए सीयूईटी के कौन से पेपर देने हैं, इसकी जानकारी साझा कर दी थी। आईपीयू की ओर से सीयूईटी की योग्यता के माध्यम से दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को सलाह दी गई है कि वे वेबसाइट पर दी गई विषयों की मैपिंग को देखें। मालूम हो कि सीयूईटी के लिए ऑनलाइन आवेदन सोमवार को 11:50 बजे समाप्त हो गया। एनटीए की ओर से इस तिथि को दो दिन के लिए बढ़ाया गया था।

विषयों की सही मैपिंग करना अनिवार्य

आईपीयू की ओर से विषयों की योग्यता के विषय में जानकारी देते हुए बताया गया कि बीएससी पर्यावरण विज्ञान में दाखिले के लिए योग्यता बारहवीं कक्षा में पचास फीसदी अंक जरूरी है। विद्यार्थियों को इस प्रोग्राम में दाखिला चाहिए तो उसे एक भाषा (अंग्रेजी), बायोलॉजी-बायोलिजिकल स्टडीज, बायोटेक्नॉलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, पर्यावरण स्टडी में से किसी एक विषय और सामान्य टेस्ट का चयन सीयूईटी में बैठने के लिए करना था। इसी तरह अन्य प्रोग्राम में दाखिले के लिए विषयों की सही मैपिंग करना अनिवार्य था।

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